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सैयदराजा में चल रही रामलीला में राम-सुग्रीव मित्रता, बालि वध और सीता खोज प्रसंग का हुआ मंचन।

सैयदराजा में चल रही रामलीला में राम-सुग्रीव मित्रता, बालि वध और सीता खोज प्रसंग का हुआ मंचन।

घूरेलाल कन्नौजिया, ब्यूरो चीफ 

चंदौली। आदर्श नगर पंचायत सैयदराजा में चल रही भव्य श्रीरामलीला में गुरुवार की रात भक्तों को दिव्य एवं भावनात्मक प्रसंगों का साक्षात्कार कराया गया। मंच पर राम-सुग्रीव मित्रता, बालि वध और सीता खोज जैसे प्रमुख प्रसंगों का प्रभावशाली मंचन हुआ, जिसने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।

लीला का आरंभ शबरी प्रसंग से हुआ, जिसमें शबरी भगवान श्रीराम और लक्ष्मण को ऋष्यमुख पर्वत पर सुग्रीव से मिलने का सुझाव देती है और कहती है कि वही उनके सीता खोज के कार्य में सहायता करेंगे। इसके बाद राम और लक्ष्मण की सुग्रीव के मंत्री हनुमान जी से भेंट होती है, जो दोनों के बीच मित्रता का सूत्र जोड़ते हैं।

मंचन में दिखाया गया कि जब सुग्रीव ने श्रीराम को सीता जी के आभूषण दिखाए, तो भगवान ने उन्हें पहचान लिया। तत्पश्चात श्रीराम ने सुग्रीव की सहायता करते हुए बालि वध का संकल्प लिया। युद्ध के दृश्य में बालि और सुग्रीव के बीच हुआ द्वंद दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहा। जब बालि मरणासन्न अवस्था में श्रीराम से प्रश्न करता है कि “आपने मुझे क्यों मारा?”, तो भगवान श्रीराम धर्म की व्याख्या करते हुए कहते हैं —

“अनुज बधू भगिनी सुत नारी, सठ कन्या सम ए चारी।

इन्हहि कुदृष्टि बिलोकै जोई, ताहि बधे कछु पाप न होई।”

इस संवाद ने उपस्थित दर्शकों को धर्म की मर्यादा और आदर्श की गहराई से परिचित कराया।

बालि अपने अंतिम क्षणों में श्रीराम से निवेदन करता है कि वे उसके पुत्र अंगद की रक्षा करें और उसके परिवार का ध्यान रखें।

इसके पश्चात सुग्रीव हनुमान जी को सीता की खोज के लिए वानर सेना सहित चारों दिशाओं में भेजते हैं। हनुमान दक्षिण दिशा में समुद्र तट पर पहुंचते हैं, जहां जटायु के भाई संपाती उन्हें बताते हैं कि माता सीता लंका की अशोक वाटिका में हैं। यह दृश्य श्रद्धालुओं को अत्यंत भावुक कर गया।

कार्यक्रम स्थल पर श्रीरामलीला समिति शिवानगर के पदाधिकारीगण सहित पूर्व चेयरमैन मदन कुशवाहा, सतनाम सिंह, परमेश्वर मोदनवाल, संजय कश्यप, श्रीप्रभा प्रतिष्ठान के काके सरदार, जगदीश मास्टर, कमला जायसवाल, विजयी केशरी, अवधेश चौहान, सच्चिदानंद अग्रहरि, मनोज अग्रहरि, लक्ष्मण मास्टर, अरविंद वर्मा, अरविंद तिवारी, रणविजय सिंह, चंद्रभान वर्मा, मुन्ना जायसवाल, देवेंद्र जालान, हेमंत केशरी, रत्नेश चौरसिया और गौरीशंकर यादव सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे। भक्तिमय वातावरण में संपन्न इस मंचन ने पूरे नगर में धार्मिक उत्साह और आस्था का माहौल बना दिया।

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