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गंजडुंडवारा: नगर पालिका चौराहे पर बना जानलेवा गड्ढा, मुख्यमंत्री के ‘गड्ढामुक्त अभियान’ की उड़ रही धज्जियां।

 

गंजडुंडवारा: नगर पालिका चौराहे पर बना जानलेवा गड्ढा, मुख्यमंत्री के ‘गड्ढामुक्त अभियान’ की उड़ रही धज्जियां।

संवाददाता, वसीम कुरैशी 

गंजडुंडवारा (कासगंज)। प्रदेश सरकार की ओर से बरसात के मौसम में सड़कों को गड्ढामुक्त रखने और जन सुरक्षा सुनिश्चित करने के सख्त निर्देशों का गंजडुंडवारा में खुला उल्लंघन देखने को मिल रहा है। कस्बे के सबसे व्यस्त नगर पालिका चौराहे के समीप फुटपाथ धंसने से बना एक गहरा गड्ढा बुधवार को पूरे दिन हादसों को न्योता देता रहा। इस व्यस्त मार्ग पर दिनभर वाहन इस गड्ढे में फंसते रहे, लेकिन नगर पालिका प्रशासन पूरी तरह बेपरवाह नजर आया।

नगर पालिका चौराहा कस्बे का हृदय स्थल है, जहाँ से प्रतिदिन हजारों स्कूली बच्चों, व्यापारियों और आम नागरिकों का आवागमन रहता है। ई-रिक्शा, बाइक और चारपहिया वाहनों के लिए यह गड्ढा अब किसी बड़े खतरे से कम नहीं है। बुधवार को कई वाहन इसमें फंस गए, जिन्हें स्थानीय लोगों ने भारी मशक्कत के बाद बाहर निकाला। विडंबना यह है कि नगर पालिका कार्यालय चौराहे के बेहद करीब होने के बावजूद जिम्मेदारों ने घटनास्थल पर बैरिकेडिंग करवाना या चेतावनी संकेत लगाना तक जरूरी नहीं समझा।

मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि क्षतिग्रस्त सड़कों और फुटपाथों की तत्काल मरम्मत की जाए और बरसात के दौरान विशेष सतर्कता बरती जाए। इसके उलट गंजडुंडवारा नगर पालिका प्रशासन की कार्यशैली इन निर्देशों के प्रति उदासीन बनी हुई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन के दावे केवल कागजी हैं, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि यह गड्ढा किसी भी समय बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है।

अब नागरिकों ने जिला प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। लोगों का कहना है कि नगर पालिका चौराहे पर बने इस गड्ढे को अविलंब ठीक किया जाए और इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। इसके साथ ही, पूरे कस्बे की सड़कों का सर्वे कराकर उन्हें सुरक्षित बनाना अनिवार्य है ताकि किसी बड़े हादसे के बाद ही कार्रवाई जैसी औपचारिकता न निभानी पड़े।

 

 

 

 

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