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भारत गैस एजेंसी की मनमानी: सिलेंडर के लिए दर-दर भटक रहे उपभोक्ता।

भारत गैस एजेंसी की मनमानी: सिलेंडर के लिए दर-दर भटक रहे उपभोक्ता।

संवाददाता, शिवेन्द्र यादव 

बिनावर/बदायूं। जनपद की भारत गैस एजेंसी की कार्यप्रणाली और कथित लापरवाही के चलते कुंवरगांव व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ता इन दिनों बेहद परेशान हैं। स्थिति यह है कि एक अदद गैस सिलेंडर के लिए लोगों को कई-कई दिनों तक एजेंसी के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, जिससे आम जनता में भारी रोष व्याप्त है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि पहले गैस सप्लाई की गाड़ी कुंवरगांव तक आती थी, जिससे ग्रामीणों को घर के पास ही सिलेंडर मिल जाता था, लेकिन पिछले कई महीनों से एजेंसी ने यह सप्लाई वाहन भेजना बंद कर दिया है। अब उपभोक्ताओं को मजबूरन करीब 15 किलोमीटर दूर बदायूं खाली सिलेंडर लेकर जाना पड़ता है, जहाँ पहले रसीद कटवानी पड़ती है और फिर वहाँ से लगभग 8 किलोमीटर दूर बहेड़ी स्थित गोदाम से भरा सिलेंडर खुद ढोकर लाना पड़ता है।

इस भीषण गर्मी में 20 किलोमीटर से अधिक की यह भागदौड़ बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगों के लिए किसी सजा से कम नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि साइकिल या बाइक पर भारी सिलेंडर लादकर इतनी दूर का सफर करना जोखिम भरा है और रास्ते में कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। एजेंसी की इस मनमानी का सबसे बुरा असर उन गरीब परिवारों पर पड़ रहा है, जिन्हें एक सिलेंडर के लिए अपनी दिहाड़ी छोड़कर कई दिनों तक भटकना पड़ता है। ज्ञात हो कि गैस की मुख्य सप्लाई बदायूं स्थित कैलाश टॉकीज और बाबूराम मार्केट के पास से संचालित होती है।

जब इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए एजेंसी से जुड़े अनूप अग्रवाल से संपर्क किया गया, तो उनकी ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला, जिससे ग्रामीणों में और अधिक नाराजगी फैल गई। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि मामले का तुरंत संज्ञान लेकर भारत गैस एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और कुंवरगांव में पुनः सप्लाई वाहन की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो क्षेत्र के उपभोक्ता बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।

 

 

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