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कृषि विज्ञान केंद्र चंदौली में किसान गोष्ठी व सरपंच सम्मेलन आयोजित, ग्रामीण रोजगार व आजीविका पर हुआ मंथन।

कृषि विज्ञान केंद्र चंदौली में किसान गोष्ठी व सरपंच सम्मेलन आयोजित, ग्रामीण रोजगार व आजीविका पर हुआ मंथन।

शैलेश सिंह, संवाददाता 

चंदौली। कृषि विज्ञान केंद्र, चंदौली द्वारा भारत सरकार के विकसित भारत संकल्प अभियान–2047 के अंतर्गत ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के उद्देश्य से किसान गोष्ठी एवं सरपंच सम्मेलन का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन ग्रामीण विधायक–2025 के तहत आयोजित हुआ, जिसमें किसानों, श्रमिकों, महिलाओं और ग्राम प्रधानों की सक्रिय सहभागिता रही।

कार्यक्रम में बताया गया कि यह नया अधिनियम 20 वर्ष पुराने मनरेगा कानून की कमियों को दूर कर एक आधुनिक और अधिक प्रभावी व्यवस्था प्रस्तुत करता है। इसके अंतर्गत 18 वर्ष से अधिक आयु के अकुशल ग्रामीण श्रमिकों को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 125 दिन की रोजगार गारंटी देने का प्रावधान है। यह योजना रोजगार सृजन के साथ-साथ गांवों में मजबूत व टिकाऊ बुनियादी ढांचे के निर्माण पर केंद्रित है।

गोष्ठी में जल संरक्षण, जल निकासी, भूजल पुनर्भरण, सिंचाई, मृदा संरक्षण तथा बाढ़ से फसलों की सुरक्षा जैसे कार्यों को प्राथमिकता देने की जानकारी दी गई। साथ ही खेती से जुड़े कार्यों में बुवाई व कटाई के समय श्रमिकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, बहुफसली क्षमता बढ़ाने और बाजार तक पहुंच को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। डिजिटल भुगतान व्यवस्था से पारदर्शिता और श्रमिकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित होने की बात कही गई।

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि इस अधिनियम के अंतर्गत ग्राम पंचायतों द्वारा तैयार किए गए ग्राम पंचायत विकास प्लान को अनिवार्य किया गया है, जिन्हें पीएम गति शक्ति जैसी राष्ट्रीय प्रणालियों से जोड़ा जाएगा। इससे गांवों में भंडारण, विपणन और उत्पादन से जुड़े नए आय के साधन विकसित होंगे तथा पलायन की समस्या में भी कमी आएगी।

यह कार्यक्रम भारत सरकार की भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद एवं अटारी कानपुर के आह्वान व निर्देशन में 3 व 4 जनवरी को आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. नरेंद्र रघुवंशी ने की। इस दौरान डॉ. अभयदीप गौतम एवं डॉ. चंदन सिंह ने जनपद के सकलडीहा, चंदौली और नियमताबाद विकासखंडों के बरथराकला, मधुबन, जमुनीपुर, पिपरी, दिग्वत, जगदीश सराय, हिनौता, कठौड़ी, रेमा, बहरौली नारायना व देवही सहित कई गांवों में जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए।

कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार के लिए बैनर, होर्डिंग, फ्लेक्सी और वॉल पेंटिंग का सहारा लिया गया, जिससे अधिक से अधिक ग्रामीणों तक जानकारी पहुंचाई जा सके।

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