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कासगंज: हज यात्रा पूर्ण कर लौटे जायरीन का भव्य इस्तकबाल, शहर में दिखा कौमी एकता का नज़ारा।

कासगंज: हज यात्रा पूर्ण कर लौटे जायरीन का भव्य इस्तकबाल, शहर में दिखा कौमी एकता का नज़ारा।

संवाददाता, जुम्मन कुरैशी 

कासगंज। मक्का-मदीना की 45 दिवसीय पवित्र हज यात्रा पूर्ण कर जनपद के हाजी सकुशल अपने वतन लौट आए हैं। दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से लेकर कासगंज तक जायरीन का जगह-जगह भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान पूरा वातावरण रूहानियत और भाईचारे से सराबोर रहा।

डॉ. मुहम्मद फारुक अपनी पत्नी नजमा नाज के साथ हज यात्रा से लौटे हैं। उनके साथ सहावर के हाजी मोहम्मद अनवर सिद्दीकी व उनकी पत्नी हज्जिन सीमा, और गंजडुंडवारा के हाजी मोहम्मद सलीम कुरैशी व उनकी पत्नी हज्जिन तबस्सुम सहित अन्य हाजियों का परिजनों और समाज के गणमान्य नागरिकों ने माल्यार्पण कर इस्तकबाल किया। वक्ताओं ने कहा कि हज महज एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि यह आत्मा को शुद्ध करने वाला एक मुकद्दस अमल है, जो इंसान को संयम, सादगी और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।

मंगलवार देर शाम कासगंज पहुंचने पर चामुंडा के निकट हाजी डॉ. मुहम्मद फारुक के सम्मान में एक भव्य स्वागत समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और सामाजिक हस्तियों ने एक मंच पर आकर हाजियों को मुबारकबाद दी।

इस अवसर पर रिटायर्ड आईपीएस आदित्य वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष नीरज शर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष केपी सिंह, सपा जिलाध्यक्ष विक्रम यादव, कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनोज पाण्डे, बसपा जिलाध्यक्ष डीपी राणा, नपा अध्यक्ष प्रतिनिधि राजेंद्र बौहरे समेत अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। सभी ने हाजियों को फूल-मालाएं पहनाकर उनके उज्ज्वल भविष्य और उनकी इबादतों की कबूलियत के लिए दुआएं मांगी। इस आयोजन ने शहर में आपसी सौहार्द और भाईचारे की मिसाल पेश की, जिससे यह अवसर सभी के लिए यादगार बन गया।

 

 

 

 

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