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बिनावर: मुकदमा दर्ज होने के 16 दिन बाद भी आरोपी पुलिस की गिरफ्त से दूर, पीड़ित परिवार ने एडीजी और आईजी बरेली से लगाई गुहार।

बिनावर पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल: राजनैतिक पहुंच वाले पूर्व ग्राम प्रधान सहित चार नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से सहमा पीड़ित परिवार, मिल रही जान से मारने की धमकी।

संवाददाता, शैलेन्द्र सिंह 

बदायूं। थाना बिनावर क्षेत्र के एक गांव में 11 वर्षीय मासूम किशोरी के साथ हुई छेड़छाड़ और विरोध करने पर पूरे परिवार को लहूलुहान करने के मामले में स्थानीय पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आ रही है। एडीजी जोन बरेली के कड़े आदेश पर पूर्व ग्राम प्रधान सहित चार दबंगों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज हुए 16 दिन बीत चुके हैं, लेकिन राजनैतिक रसूख के चलते पुलिस आज तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। नतीजतन, बेखौफ घूम रहे आरोपी अब पीड़ित परिवार को मुकदमा वापस न लेने पर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। न्याय की उम्मीद टूटने पर शुक्रवार को मजबूर होकर पीड़ित परिवार ने एक बार फिर एडीजी जोन और आईजी रेंज बरेली के कार्यालय पहुंचकर सुरक्षा और गिरफ्तारी की गुहार लगाई है।

शादी समारोह से लौटते समय किशोरी से की थी अश्लील हरकत।

मामला थाना बिनावर क्षेत्र के एक गांव का है, जहां कुछ दिनों पूर्व गांव में आई एक बारात को देखकर घर लौट रही 11 वर्षीय किशोरी को रास्ते में घेर लिया गया था। पीड़िता की मां द्वारा दी गई तहरीर के अनुसार, गांव के पूर्व प्रधान संजीव गुप्ता ने अपने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर मासूम किशोरी को गलत नीयत से दबोच लिया और उसके साथ अश्लील हरकतें कीं। किसी तरह आरोपियों के चंगुल से छूटकर सहमी हुई किशोरी जब अपने घर पहुंची और परिजनों को आपबीती बताई, तो आरोपी दल-बल के साथ पीड़ित के घर पर भी चढ़ आए।

विरोध करने पर पूरे परिवार को पीटा, न्यायालय में बयान के बाद भी कार्रवाई सिफर। 

दबंगों की इस करतूत का जब पीड़ित परिवार ने विरोध किया, तो पूर्व प्रधान और उसके गुर्गों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस हिंसक मारपीट में किशोरी, उसकी मां और भाई गंभीर रूप से घायल हो गए थे। वारदात के बाद दबंगों ने शिकायत करने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी थी। पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना के बाद बिनावर थाना पुलिस ने राजनीतिक दबाव के चलते उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी। इसके बाद जब पीड़िता की मां ने वरिष्ठ अधिकारियों की शरण ली, तब जाकर एडीजी जोन बरेली के हस्तक्षेप और आदेश पर पूर्व ग्राम प्रधान संजीव गुप्ता व मोरसिंह सहित चार लोगों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया। पीड़िता की मां ने बताया कि इस गंभीर मामले में पीड़ित बच्ची के न्यायालय में धारा 164 के तहत बयान भी दर्ज कराए जा चुके हैं, फिर भी पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है।

आपराधिक इतिहास वाले दबंगों के खौफ से पलायन को मजबूर पीड़ित।

पीड़ित परिवार का कहना है कि नामजद आरोपी मोरसिंह और संजीव गुप्ता शातिर किस्म के अपराधी हैं और उनका पुराना आपराधिक इतिहास भी रहा है। मजबूत राजनैतिक पकड़ होने के कारण दोनों मुख्य आरोपी गांव में खुलेआम घूम रहे हैं और पीड़ित परिवार पर लगातार मुकदमा वापस लेने और पैरवी बंद करने का दबाव बना रहे हैं। दबंगों की धमकियों के कारण पीड़ित परिवार इस कदर खौफजदा है कि उनका घर से निकलना तक दूभर हो गया है।

इस संबंध में पीड़ित महिला बदायूं के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के समक्ष भी कई बार पेश होकर अपनी सुरक्षा और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रार्थना पत्र सौंप चुकी है, लेकिन वहां से भी सिर्फ आश्वासन ही हाथ लगा। स्थानीय पुलिस की इस शिथिल कार्यप्रणाली और टालमटोल वाले रवैये से त्रस्त होकर शुक्रवार को पीड़ित परिवार ने पुनः एडीजी जोन बरेली और आईजी रेंज बरेली के दफ्तर का दरवाजा खटखटाया है। परिजनों ने आलाधिकारियों को अपनी आपबीती सुनाते हुए तत्काल आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है, ताकि उन्हें भयमुक्त वातावरण और न्याय मिल सके।

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