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ग्रामीण पत्रकारों के संगठनकर्ता बाबू बालेश्वर लाल की 39वीं पुण्यतिथि पर दी गई श्रद्धांजलि, जिम्मेदार पत्रकारिता पर हुआ मंथन।

ग्रामीण पत्रकारों के संगठनकर्ता बाबू बालेश्वर लाल की 39वीं पुण्यतिथि पर दी गई श्रद्धांजलि, जिम्मेदार पत्रकारिता पर हुआ मंथन।

आई एम खान 

इस्लामनगर (बदायूं): ग्रामीण क्षेत्रों के पत्रकारों को एकजुट कर उनके हितों की लड़ाई लड़ने वाले ‘ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन’ के संस्थापक बाबू बालेश्वर लाल जी की 39वीं पुण्यतिथि यहाँ आदरपूर्वक मनाई गई। इस मौके पर क्षेत्र के तमाम मीडियाकर्मियों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया और पत्रकारिता के नैतिक मूल्यों को बनाए रखने का संकल्प लिया।

श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष संजीव सक्सेना ने बाबूजी के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि उन्होंने ग्रामीण इलाकों के कलमकारों को पहचान दिलाने के उद्देश्य से एक छोटा सा प्रयास शुरू किया था। उनका वह प्रयास आज एक विशाल वटवृक्ष का रूप ले चुका है। वर्तमान में यह संगठन न केवल उत्तर प्रदेश के 70 जिलों में सक्रिय है, बल्कि देश के कई अन्य राज्यों में भी ग्रामीण पत्रकारों की मजबूत आवाज बन चुका है।

कार्यक्रम के दौरान बदलते दौर की पत्रकारिता और सोशल मीडिया के दौर में बढ़ती चुनौतियों पर भी गंभीर चर्चा हुई। जिला अध्यक्ष संजीव सक्सेना ने सहकर्मियों से विशेष आग्रह करते हुए कहा कि मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना जाता है, इसलिए समाज के प्रति हमारी जवाबदेही सबसे अधिक है। उन्होंने कहा कि अक्सर जल्दबाजी में या सबसे पहले खबर देने की होड़ में ‘ब्रेकिंग न्यूज’ के नाम पर ऐसी खबरें जारी कर दी जाती हैं जिनकी पूरी तरह पुष्टि नहीं होती। ऐसी अप्रामाणिक खबरों से समाज में बेवजह दहशत और भ्रम का माहौल बनता है, जिसका व्यापक स्तर पर गलत संदेश जाता है। उन्होंने सभी से खबरों की सत्यता जांचने के बाद ही उन्हें प्रसारित करने की अपील की।

संस्थापक बाबू बालेश्वर जी को भावभीनी श्रद्धांजलि देने वालों में मुख्य रूप से अजय जोहरी, कैलाश भारती, स्पर्श, शिखर, विनय कुमार, आई एम खान, उमेश शर्मा सहित क्षेत्र के तमाम पत्रकार और प्रबुद्धजन शामिल रहे। सभी ने एक सुर में संगठन की नीतियों को आगे बढ़ाने की बात कही।

 

 

 

 

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