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सेठ एम.आर. जयपुरिया समर कैंप: नन्हे हाथों ने बिना आग के बनाए लजीज पकवान, खेल और रचनात्मकता में दिखाया दमखम।

सेठ एम.आर. जयपुरिया समर कैंप: नन्हे हाथों ने बिना आग के बनाए लजीज पकवान, खेल और रचनात्मकता में दिखाया दमखम।

सहसवान, बदायूं। स्थानीय सेठ एम.आर. जयपुरिया स्कूल में चल रहे ‘उत्साह समर कैंप’ के तीसरे दिन विद्यार्थियों में भारी जोश और ऊर्जा देखने को मिली। कैंप की शुरुआत सुबह के समय ज़ुम्बा डांस और ध्यान सत्र के साथ हुई, जिसने पूरे परिसर को सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया और बच्चों को मानसिक व शारीरिक रूप से तरोताजा किया।

इसके बाद दिनभर चले इस शिविर में बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए कई खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने शतरंज की बिसात पर दिमाग दौड़ाया, तो वहीं टेबल टेनिस, पिकलबॉल, स्केटिंग, वॉलीबॉल और बास्केटबॉल के मैदान में अपना दम-खम दिखाया। इन आउटडोर और इनडोर खेलों के दौरान बच्चों में गजब का तालमेल, आत्मविश्वास और उत्कृष्ट खेल भावना देखने को मिली।

खेलकूद के साथ-साथ बच्चों की कल्पनाशीलता को निखारने के लिए कबाड़ से जुगाड़ यानी “बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट” कला गतिविधि आयोजित की गई, जिसमें छात्रों ने बेकार पड़ी अनुपयोगी चीजों का इस्तेमाल करके अपनी रचनात्मकता से बेहद खूबसूरत और काम आने वाली सामग्री तैयार की। इस दौरान दिन का सबसे मुख्य और पसंदीदा आकर्षण बिना आग के खाना बनाना यानी ‘फायरलेस कुकिंग’ गतिविधि रही।

इसमें नन्हे शेफ ने अपनी पाक कला का शानदार हुनर दिखाते हुए स्वादिष्ट सैंडविच, चटपटी भेलपुरी, नारियल व चॉकलेट के लजीज लड्डू, मोजिटो और ककड़ी का सेहतमंद सलाद तैयार किया। कुकिंग के दौरान बच्चों ने स्वाद के साथ-साथ साफ-सफाई का भी पूरा ध्यान रखा और सभी प्रतिभागी अनुशासन का परिचय देते हुए एप्रन, ग्लव्स और हेड गियर पहनकर पूरी पेशेवर शैली में नजर आए।

विद्यार्थियों के इस बेहतरीन प्रयास की सराहना करते हुए स्कूल की प्रधानाचार्या श्रीमती प्रवीण अरोरा ने कहा कि ऐसी छोटी-छोटी पहल बच्चों को किताबी ज्ञान से परे व्यावहारिक जीवन के जरूरी कौशल, रचनात्मकता, स्वच्छता और टीमवर्क सिखाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि जब बच्चे आनंद और मनोरंजन के साथ सीखते हैं, तब शिक्षा और अधिक प्रभावशाली बन जाती है।

वहीं विद्यालय के निदेशक श्री अश्विनी माहेश्वरी ने भी छात्रों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों को अपनी छिपी हुई बहुमुखी प्रतिभाओं को पहचानने, आत्मविश्वास विकसित करने और शैक्षणिक गतिविधियों से आगे बढ़कर नेतृत्व क्षमता विकसित करने का सुनहरा अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने प्रत्येक गतिविधि को बच्चों के समग्र विकास की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। कैंप के तीसरे दिन की शानदार सफलता के बाद अब बच्चे आने वाले दिनों के नए कार्यक्रमों को लेकर बेहद रोमांचित हैं और अगली गतिविधियों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

 

 

 

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