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बिसौली: मासूम की मौत के बाद जागा प्रशासन, मानकों को ठेंगा दिखा रहे अवैध स्विमिंग पूल और वाटर पार्कों पर चलेगा चाबुक।

बिसौली: मासूम की मौत के बाद जागा प्रशासन, मानकों को ठेंगा दिखा रहे अवैध स्विमिंग पूल और वाटर पार्कों पर चलेगा चाबुक।

आई एम खान 

बिसौली (बदायूं)। जनपद में अवैध रूप से संचालित एक स्विमिंग पूल में डूबने से हुई मासूम बच्चे की दर्दनाक मौत के बाद जिला प्रशासन अब बेहद सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है। इस गंभीर हादसे से सबक लेते हुए प्रशासन जल्द ही जिले भर के सभी मनोरंजन स्थलों, वाटर पार्कों और स्विमिंग पूलों की सुरक्षा व्यवस्था की हकीकत जांचने के लिए एक विशेष चेकिंग अभियान शुरू करने जा रहा है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि पूरे जनपद में नियमों और मानकों को पूरी तरह दरकिनार कर बिना किसी वैध पंजीकरण के दर्जनों वाटर पार्क और स्विमिंग पूल धड़ल्ले से चल रहे हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि व्यावसायिक लाभ कमाने के चक्कर में युवाओं और बच्चों की जिंदगी दांव पर लगाने वाले इन केंद्रों पर न तो कोई लाइफ गार्ड तैनात है और न ही किसी प्रशिक्षित ट्रेनर की व्यवस्था की गई है, जिससे हर समय बड़े हादसों का खतरा बना रहता है।

​नियमों के मुताबिक किसी भी स्विमिंग पूल के निर्माण और संचालन के लिए जिला क्रीड़ा अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग और संबंधित क्षेत्र के उपजिलाधिकारी (एसडीएम) से विधिवत अनुमति लेना अनिवार्य होता है। इसके साथ ही गाइडलाइन के अनुसार ओलंपिक स्विमिंग पूल की चौड़ाई पच्चीस फीट व लंबाई पचास फीट, जबकि सब स्टैंडर्ड स्विमिंग पूल की चौड़ाई साढ़े बारह फीट व लंबाई पच्चीस फीट तय की गई है। इसके अलावा परिसर में पुख्ता सुरक्षा इंतजाम, प्रशिक्षित लाइफ गार्ड्स की तैनाती, प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) की किट और अग्निशमन विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) होना बेहद जरूरी है। साथ ही संचालकों को हर साल निर्धारित सरकारी शुल्क भी जमा करना होता है। लेकिन बिसौली और आस-पास के क्षेत्रों में महज मोटी कमाई के उद्देश्य से मानकों के विपरीत गहराई और लंबाई वाले अवैध स्विमिंग पूल खोल दिए गए हैं।

​क्षेत्रीय नागरिकों ने संबंधित विभागों पर कथित अनदेखी और मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा है कि अफसरों की लापरवाही के कारण ही ये संचालक खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। मासूम की जान जाने के बाद उपजे जनाक्रोश को देखते हुए जनता ने जिला प्रशासन से मांग की है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले इन सभी अवैध स्विमिंग पूलों और वाटर पार्कों की सघनता से जांच की जाए। लोगों का कहना है कि बिना लाइसेंस और सुरक्षा इंतजामों के चल रहे ऐसे मौत के अड्डों को तत्काल सील कर उनके संचालकों के खिलाफ कड़ी कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में किसी और मां की गोद सूनी न हो।

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