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अलापुर: लाखों की लागत से बना सामुदायिक शौचालय सफेद हाथी साबित, ग्रामीण खुले में जाने को मजबूर।

सरकारी बजट को लगा पलीता: फरीदपुर में वर्षों से बंद पड़ा सामुदायिक शौचालय, ग्रामीण परेशान।

संवाददाता, शैलेन्द्र सिंह 

बदायूं (अलापुर): स्वच्छ भारत मिशन के दावों को जमीनी स्तर पर कैसे पलीता लगाया जा रहा है, इसकी एक बानगी अलापुर थाना क्षेत्र के ग्राम फरीदपुर में देखने को मिल रही है। यहाँ लाखों की लागत से बनकर तैयार हुआ सुलभ शौचालय पिछले चार सालों से ग्रामीणों के लिए महज एक शोपीस बनकर रह गया है। वर्ष 2021 से इस शौचालय पर ताला लटका हुआ है, जिसके कारण गाँव की स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। देखरेख और नियमित साफ-सफाई न होने की वजह से शौचालय परिसर अब बदहाली के आंसू बहा रहा है और चारों ओर गंदगी का साम्राज्य व्याप्त है।

स्थानीय ग्रामीणों में इस प्रशासनिक उदासीनता को लेकर गहरा रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप है कि जनता के टैक्स के लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद उन्हें इस सुविधा का रत्ती भर भी लाभ नहीं मिल पा रहा है। शौचालय बंद होने की सबसे ज्यादा मार महिलाओं, बुजुर्गों और दूर-दराज से आने वाले राहगीरों पर पड़ रही है, जिन्हें विवश होकर खुले में जाना पड़ता है।

ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में कई बार संबंधित विभाग और अधिकारियों को अवगत कराया, लेकिन शिकायतों को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। अब फरीदपुर के निवासियों ने जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि इस मामले की जांच कर जल्द से जल्द शौचालय को सुचारू रूप से चालू कराया जाए ताकि लोगों को इस नारकीय स्थिति से निजात मिल सके।

 

 

 

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