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बिसौली: अलविदा जुमे की नमाज अकीदत के साथ अदा, मुल्क की तरक्की और अमन-चैन की मांगी दुआ।

अलविदा जुमे की नमाज अकीदत के साथ अदा, मुल्क की तरक्की और अमन-चैन की मांगी दुआ।

आई एम खान 

बिसौली। मुकद्दस रमजान के अंतिम जुमे के मौके पर अलविदा जुमे की नमाज नगर एवं आसपास के क्षेत्रों में अकीदत और एहतराम के साथ अदा की गई। नमाज के बाद नमाजियों ने देश में अमन-चैन, भाईचारा, तरक्की और खुशहाली के लिए दुआ मांगी।

शुक्रवार को जामा मस्जिद समेत नगर की प्रमुख मस्जिदों में बड़ी संख्या में लोगों ने नमाज-ए-जुमा अदा की। इस दौरान मस्जिदों में नमाजियों की भारी भीड़ देखने को मिली। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पुलिस बल भी मस्जिदों के आसपास तैनात रहा।

बड़ी मस्जिद के इमाम मौलाना बिलाल अख्तर नूरी ने अपनी तकरीर में फितरा और जकात की अहमियत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हर मुसलमान को ईद की नमाज से पहले फितरा अदा करना चाहिए। उन्होंने बताया कि फितरा हर व्यक्ति पर वाजिब होता है, जबकि जकात इंसान के माल पर दी जाती है।

नगर की विभिन्न मस्जिदों में अलग-अलग उलेमाओं और हाफिजों ने नमाज अदा कराई। इनमें जामा मस्जिद में हाफिज अब्दुल मुकद्दिर अहमद, मस्जिद बिलाल में मौलाना शादाब रजा उवैसी, बड़ी मस्जिद में मौलाना बिलाल अख्तर नूरी, कादरी मस्जिद में मौलाना अफलाक रजा उवैसी, मदीना मस्जिद में मौलाना रफीक खान, नफीस मस्जिद में हाफिज मजहर खान तथा मस्जिद इब्राहीम खां में मौलाना मो. अली अशरफी ने नमाज अदा कराई।

मरकज बाली मस्जिद में नसीम अख्तर कासमी ने नमाज अदा कराई। वहीं ग्राम मौजमपुर में हाफिज अब्दुल हक रिज़वी और ग्राम पपगांव में मौलाना असलम रजा नूरी ने नमाज अदा कराई।

 

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