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सहसवान में रमज़ान का इस्तकबाल: चाँद के दीदार के साथ तरावीह का आगाज़।

सहसवान में रमज़ान का इस्तकबाल: चाँद के दीदार के साथ तरावीह का आगाज़।

राष्ट्रीय न्यूज़ टुडे 

सहसवान, बदायूं। पवित्र माह रमज़ान का चाँद दिखाई देते ही नगर की मस्जिदों में तरावीह की नमाज़ का सिलसिला शुरू हो जाएगा और पूरे इलाके में इबादत, रहमत और बरकतों की रौनक नज़र आएगी। इस मुबारक महीने के आगमन पर मुस्लिम समुदाय में खास उत्साह देखा जा रहा है।

सहसवान नगर के शाहबाजपुर स्थित इनायत ख़ां मस्जिद के इमाम, मुफ्ती मोहम्मद मुबीन रज़ा ने कहा कि रमज़ान रहमतों और बरकतों का महीना है, जिसमें हर मुसलमान को अधिक से अधिक इबादत में समय देना चाहिए। उन्होंने बताया कि हदीस शरीफ के अनुसार जो व्यक्ति किसी रोज़ेदार को खजूर, पानी या दूध से इफ्तार करवाता है, उसे अल्लाह तआला की तरफ से बड़ा सवाब अता होता है।

इमाम ने आगे कहा कि रमज़ान के पहले दस दिन रहमत के, दूसरे दस दिन मग़फिरत के और आख़िरी दस दिन जहन्नम से निजात के माने जाते हैं। इस महीने में रोज़ा रखने, पाँचों वक्त की नमाज़ की पाबंदी करने, तरावीह अदा करने और नफ़्ली इबादतों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की खास अहमियत है।

उन्होंने लोगों से अपील की कि रमज़ान के दौरान आपसी भाईचारे, सब्र और हमदर्दी का परिचय दें। जरूरतमंदों की मदद करें और रोज़ेदारों के लिए इफ्तार का इंतज़ाम कर सवाब हासिल करें।

अंत में उन्होंने कहा कि यदि मुसलमान रमज़ान को सच्चे दिल और अच्छे अमल के साथ गुज़ारेंगे तो निश्चित ही उन्हें इस महीने की भरपूर बरकतें हासिल होंगी और अल्लाह की रज़ा भी प्राप्त होगी।

 

 

 

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