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बरेली: 15 लाख की फर्जी फिरौती का खेल, नाबालिग छात्रा दिल्ली से सकुशल बरामद।

प्रेम प्रसंग में रची गई अपहरण की साजिश का खुलासा, नवाबगंज पुलिस ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार।

सोशल मीडिया की दोस्ती बनी फिरौती ड्रामे की वजह, पुलिस की सतर्कता से बची नाबालिग की जिंदगी।

मोहम्मद वसीम, संवाददाता 

बरेली। थाना नवाबगंज क्षेत्र में नाबालिग छात्रा के अपहरण और 15 लाख रुपये की फिरौती मांग के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने सफल खुलासा कर दिया है। पुलिस ने छात्रा को दिल्ली से सकुशल बरामद करते हुए तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि यह कोई वास्तविक अपहरण नहीं था, बल्कि प्रेम प्रसंग और पैसों के लालच में रची गई एक सोची-समझी साजिश थी।

जानकारी के अनुसार पीलीभीत निवासी 15 वर्षीय छात्रा 7 जनवरी को नवाबगंज क्षेत्र के कवाड़खाना रोड स्थित कोचिंग से पढ़ाई कर अपने किराए के कमरे के लिए निकली थी, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटी। परिजन उसकी तलाश कर ही रहे थे कि रात करीब 9:45 बजे उनके मोबाइल पर व्हाट्सएप के माध्यम से अपहरण की सूचना और 15 लाख रुपये की फिरौती का संदेश आया। इससे परिवार में अफरा-तफरी मच गई और तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बरेली के निर्देश पर नवाबगंज पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम को संयुक्त रूप से लगाया गया। मोबाइल सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर छात्रा की लोकेशन दिल्ली में ट्रेस की गई। इसके बाद 9 जनवरी की रात पुलिस ने सैटेलाइट बस अड्डा, बरेली से मुख्य आरोपी अर्जुन को छात्रा के साथ हिरासत में ले लिया।

पूछताछ में अर्जुन ने बताया कि करीब छह महीने पहले उसकी दोस्ती छात्रा से इंस्टाग्राम के माध्यम से हुई थी। ऑनलाइन गेम में पैसे हारने और जल्दी पैसा कमाने की चाह में उसने अपने साथियों सन्त्री और दीपक बाबू के साथ मिलकर फिरौती की साजिश रची। योजना के तहत छात्रा को पहले बरेली और फिर दिल्ली ले जाया गया। वहां से छात्रा के ही मोबाइल फोन से उसके पिता को फिरौती के धमकी भरे संदेश भेजे गए।

जांच में यह भी चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि छात्रा स्वयं भी इस पूरी साजिश में शामिल थी। उसने पुलिस को बताया कि वह अकेले किराए के कमरे में रहकर पढ़ाई कर रही थी और उसका प्रेमी दिल्ली में काम करता है। दोनों ने साथ रहने के उद्देश्य से दिल्ली जाने का फैसला किया और अपहरण का नाटक रच दिया। यहां तक कि छात्रा ने खुद अपने पिता को 15 लाख रुपये की फिरौती का संदेश भिजवाया, जिससे परिवार को लगा कि वास्तव में उसका अपहरण हो गया है।

मुख्य आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने 10 जनवरी को नवाबगंज क्षेत्र से उसके दोनों साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया। इस पूरे मामले में प्रेमी के एक अन्य दोस्त की भूमिका भी सामने आई है, जिसने साजिश को अंजाम देने में सहयोग किया।पुलिस ने तीनों अभियुक्तों के खिलाफ थाना नवाबगंज में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला न केवल कानून व्यवस्था से जुड़ा है, बल्कि सोशल मीडिया और ऑनलाइन संपर्कों के दुरुपयोग को लेकर समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है।

हालांकि पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से नाबालिग छात्रा सुरक्षित बरामद कर ली गई, लेकिन जब पूरे घटनाक्रम का सच सामने आया तो परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। वहीं क्षेत्र में पुलिस की कार्यशैली की सराहना हो रही है, जिसने समय रहते साजिश का पर्दाफाश कर एक बड़े अपराध को बढ़ने से रोक दिया।

बाइट- निलेश मिश्रा सीओ नवाबगंज।

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