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बलरामपुर: मध्यान्ह भोजन योजना में करोड़ों के गबन का खुलासा, दो और आरोपी गिरफ्तार।

मध्यान्ह भोजन योजना में करोड़ों के गबन का खुलासा, दो और आरोपी गिरफ्तार।

गुलाम नबी कुरैशी, संवाददाता 

बलरामपुर (उत्तर प्रदेश)। जनपद बलरामपुर में मध्यान्ह भोजन योजना के तहत सरकारी धन के बड़े पैमाने पर गबन के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की जांच रिपोर्ट के आधार पर दर्ज मुकदमे के तहत की गई है।

दिनांक 26 नवंबर 2025 को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शुभम शुक्ला द्वारा कराई गई जांच के उपरांत थाना कोतवाली नगर में मु0अ0सं0 297/2025 धारा 409, 467, 468, 471, 120(बी), 201 भारतीय दंड संहिता के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच में प्रथम दृष्टया यह सामने आया कि मध्यान्ह भोजन योजना (डीसी एमडीएम) के अंतर्गत 11 करोड़ रुपये से अधिक की सरकारी धनराशि का गबन किया गया है। इस मामले में पूर्व में जिला समन्वयक फिरोज अहमद खान सहित कुल 45 लोगों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत किया गया था।

पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देश पर प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार सिंह के नेतृत्व में कोतवाली नगर पुलिस टीम लगातार आरोपियों की गिरफ्तारी में जुटी हुई है। इसी क्रम में शुक्रवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बिजलीपुर बाईपास से नूरुल हसन खान पुत्र करम हुसैन खान निवासी त्रिकोलिया थाना पचपेड़वा जनपद बलरामपुर तथा गुलाम गौसुल बरा पुत्र अब्दुल रशीद निवासी गुलरिहा थाना इटवा जनपद सिद्धार्थनगर को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों को विधिक कार्रवाई के बाद माननीय न्यायालय में पेश किया जा रहा है।

पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे जिला समन्वयक मध्यान्ह भोजन योजना फिरोज अहमद खान के साथ मिलकर बेसिक शिक्षा विभाग के आईवीआरएस पोर्टल से विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या प्राप्त करते थे। इसके आधार पर कन्वर्जन कॉस्ट के अनुसार एक्सेल शीट तैयार कर उसे अनुमोदन के लिए जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया जाता था। अनुमोदन के बाद पीएफएमएस पोर्टल पर मूल एक्सेल शीट अपलोड करने के बजाय उसमें हेरफेर कर कुछ विद्यालयों के खातों में धनराशि बढ़ा दी जाती थी, जबकि अन्य विद्यालयों के खातों में उतनी ही राशि घटा दी जाती थी, जिससे कुल स्वीकृत धनराशि में कोई अंतर न दिखाई दे।

इस कूट रचना के माध्यम से जिन विद्यालयों में धनराशि अधिक भेजी जाती थी, वहां के प्रधानाध्यापक, ग्राम प्रधान और अभिभावक समिति के अध्यक्ष द्वारा धनराशि निकालकर आपस में बांट ली जाती थी।

पुलिस ने बताया कि इस प्रकरण में पूर्व में भी फिरोज अहमद खान, अशोक कुमार गुप्ता, नसीम अहमद, मोहम्मद अहमदुल कादरी, मलिक मुन्नवर, साहेबराम और दानिश सहित सात अभियुक्तों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

फिलहाल मामले की विवेचना जारी है और पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान और भी गिरफ्तारियां की जा सकती हैं।

Byte- विकास कुमार पुलिस अधीक्षक बलरामपुर

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