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बदायूं: शीतलहर में गन्ना किसानों को राहत देने के सख्त निर्देश, क्रय केन्द्रों व मिल यार्डों पर सुविधाएं सुदृढ़ करने के आदेश।

शीतलहर में गन्ना किसानों को राहत देने के सख्त निर्देश, क्रय केन्द्रों व मिल यार्डों पर सुविधाएं सुदृढ़ करने के आदेश।

राष्ट्रीय न्यूज़ टुडे 

बदायूँ। प्रदेश में जारी कड़ाके की ठंड और शीतलहर के मद्देनज़र गन्ना किसानों की सुरक्षा और सुविधा को लेकर सरकार ने चीनी मिलों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में गन्ना किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए गन्ना एवं चीनी विभाग ने प्रदेश की सभी चीनी मिलों को गन्ना क्रय केन्द्रों, मिल गेट और यार्डों पर किसानों के लिए समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं।

गन्ना मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी तथा राज्यमंत्री संजय गंगवार के मार्गदर्शन में अपर मुख्य सचिव, चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास वीना कुमारी के निर्देशों के अनुपालन में आयुक्त, गन्ना एवं चीनी, उत्तर प्रदेश ने स्पष्ट किया कि शीतलहर जैसे प्रतिकूल मौसम में किसानों के स्वास्थ्य और सम्मानजनक व्यवस्था की जिम्मेदारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी क्रम में सभी चीनी मिलों को निर्देशित किया गया है कि वे मिल यार्डों और गन्ना क्रय केन्द्रों पर अलाव जलाने, छायादार शेड और बैठने की पर्याप्त व्यवस्था करें, ताकि किसानों को ठंड से राहत मिल सके।

निर्देशों में यह भी कहा गया है कि अलाव जलाने के लिए सूखी लकड़ी, खोई तथा अन्य स्थानीय संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और आग इस प्रकार जलाई जाए कि किसी प्रकार की दुर्घटना या पर्यावरणीय नुकसान न हो। चूंकि बाहरी गन्ना खरीद केन्द्रों पर खरीद सूर्यास्त तक और मिल गेट पर चौबीस घंटे होती है, इसलिए विशेष रूप से रात्रि के समय तापमान गिरने की स्थिति में अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया है।

गन्ना आयुक्त ने बताया कि किसानों को गन्ना तौल के लिए ठंड में लंबी प्रतीक्षा न करनी पड़े, इसके लिए त्वरित तौल व्यवस्था और न्यूनतम प्रतीक्षा समय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही यार्ड प्रबंधन को सुव्यवस्थित रखने पर जोर दिया गया है, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की अनावश्यक असुविधा का सामना न करना पड़े।

इसके अतिरिक्त सभी चीनी मिल परिसरों में स्वच्छ पेयजल, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, साफ-सुथरा और सुरक्षित परिसर तथा सुगम आवागमन मार्ग उपलब्ध कराने के निर्देश हैं। क्षेत्रीय अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने, किसानों से सीधे संवाद स्थापित करने और उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि गन्ना किसान प्रदेश की कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और मिल गेट पर उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, यह सुनिश्चित करना प्रशासन और चीनी मिल प्रबंधन की संयुक्त जिम्मेदारी है।

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