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अयोध्या पहुँचे प्रभु श्रीराम, हुआ भरत मिलाप — गूँज उठा पूरा परिसर “जय श्रीराम” के नारों से।

अयोध्या पहुँचे प्रभु श्रीराम, हुआ भरत मिलाप — गूँज उठा पूरा परिसर “जय श्रीराम” के नारों से।

जयशंकर मिश्रा, संवाददाता

चहनियां (चंदौली)। अघोराचार्य बाबा कीनाराम जन्मस्थली तपोस्थली धाम, रामगढ़ में चल रही रामलीला के बारहवें दिन शुक्रवार की रात भावनाओं से भरा दृश्य देखने को मिला। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के लंका विजय के उपरांत अयोध्या आगमन और भरत मिलाप की लीला ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।

रामलीला मंचन के अनुसार जब प्रभु श्रीराम पुष्पक विमान से माता सीता और अनुज लक्ष्मण संग अयोध्या पहुँचे, तो भरत जी उनके चरणों में गिर पड़े। प्रभु श्रीराम ने उन्हें स्नेहपूर्वक उठाकर गले लगाया, और दोनों भाइयों की आंखों से अश्रुधारा प्रवाहित हो उठी। इसी भावुक मिलन के दौरान “जय श्रीराम” और “हर-हर महादेव” के जयघोष से पूरा धाम गुंजायमान हो उठा।

गुरु वशिष्ठ और अन्य मुनियों के आगमन पर श्रीराम ने धनुष-बाण भूमि पर रखकर चरण वंदन किया। गुरु वशिष्ठ ने उन्हें आशीर्वाद देते हुए कहा कि जिस पर कृपा हो, वह सदा कुशल ही रहता है। तत्पश्चात श्रीराम ने भरत जी को उठाकर हृदय से लगाया, तो उनके नेत्रों से अश्रुधारा प्रवाहित हो उठी। इस अद्भुत दृश्य को देखकर उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए और पुष्पवर्षा कर प्रभु श्रीराम का स्वागत किया।

भरत मिलाप से पूर्व भोजपुरी सांस्कृतिक कलाकारों ने रामचरितमानस, श्रीकृष्ण भजन और बाबा कीनाराम पर आधारित भजनों की मनमोहक प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि सपा सांसद वीरेंद्र सिंह एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष क्षत्रबली सिंह ने चारों भाइयों की आरती उतारकर आशीर्वाद प्राप्त किया। अपने संबोधन में अतिथियों ने कहा कि रामलीला से हमें प्रेम, भाईचारा और त्याग की शिक्षा मिलती है। भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के चरित्र आज भी समाज को आदर्श मार्ग दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि अहंकार व्यक्ति का विनाश करता है, जैसा रावण के साथ हुआ, जबकि भरत जैसे भाई त्याग और निष्ठा की मिसाल हैं।

कार्यक्रम के अंत में लोकनाथ महाविद्यालय के संस्थापक प्रबंधक धनंजय सिंह ने मुख्य अतिथियों और कलाकारों को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

इस अवसर पर संत कुमार त्रिपाठी, धनंजय सिंह, व्यास शोभनाथ पांडेय, राजीव सिंह मुन्ना, रोहिणी पांडेय, रमाकांत यादव, अमृत प्रकाश सिंह, सुधिंद्र पांडेय, नंदु गुप्ता, श्यामलाल सिंह, अधिवक्ता समित सिंह, आशुतोष सिंह, मुकेश साहनी, अशोक मोर्या, अरुण यादव, रितेश पांडेय सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

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