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शारदा बैराज पर सुरक्षा व्यवस्था राम भरोसे: हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच प्रशासन नदारद, बड़े हादसे को दावत।

शारदा बैराज पर सुरक्षा व्यवस्था राम भरोसे: हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच प्रशासन नदारद, बड़े हादसे को दावत।

संवाददाता, मोहम्मद कमर 

लखीमपुर खीरी। जनपद के शारदानगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले प्रसिद्ध शारदा बैराज पर ज्येष्ठ मास के चतुर्थ मंगलवार के पावन अवसर पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। भोर होते ही हजारों की संख्या में श्रद्धालु प्रसिद्ध बाला जी मंदिर में पूजा-अर्चना करने और शीश नवाने के लिए पहुंचने लगे। इसके साथ ही बैराज के समीप उफनती शारदा नदी में श्रद्धालुओं का भारी हुजूम स्नान करता नजर आया। लेकिन इस व्यापक धार्मिक आयोजन के बीच सबसे हैरान और परेशान करने वाली बात यह रही कि इतनी भारी भीड़ होने के बावजूद मौके पर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त और नदारद दिखाई दी। बैराज क्षेत्र में घंटों तक श्रद्धालुओं की जान जोखिम में बनी रही, मगर सुरक्षा के नाम पर प्रशासनिक अमला पूरी तरह गायब रहा।

नदी के गहरे पानी और बैराज के खतरनाक बहाव के मुहाने पर लोग स्नान करते रहे, लेकिन वहां न तो कोई पुलिसकर्मी तैनात दिखा और न ही किसी अनहोनी से निपटने के लिए कोई गोताखोर या राहत दल मौजूद था। इस घोर प्रशासनिक लापरवाही को लेकर घाट पर आए श्रद्धालुओं और स्थानीय दुकानदारों के बीच गहरे हादसे की चिंता साफ बनी रही। स्थानीय नागरिकों ने तीखा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि ज्येष्ठ मास के प्रत्येक मंगलवार को यहाँ भारी संख्या में लोग पहुंचते हैं। कागजों पर प्रशासन द्वारा सुरक्षा ड्यूटी लगाने और कड़ी निगरानी रखने के बड़े-बड़े दावे तो किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। भीड़ को नियंत्रित करने, गहरे पानी से बचाने के लिए बैरिकेडिंग करने या नदी किनारे सतर्कता बरतने जैसे कोई भी जरूरी इंतजाम धरातल पर नजर नहीं आए।

गौरतलब है कि शारदा बैराज क्षेत्र में नदी का जलस्तर बहुत अनिश्चित रहता है और पानी का तेज बहाव कभी भी किसी भी बड़ी और गंभीर त्रासदी का कारण बन सकता है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की यह उदासीनता किसी बड़े खतरे को खुला निमंत्रण देती हुई साफ नजर आ रही है। यदि समय रहते यहाँ सुरक्षा के कड़े घेरे तैयार नहीं किए गए, तो कभी भी कोई हृदयविदारक घटना घट सकती है। क्षेत्र के संभ्रांत नागरिकों और श्रद्धालुओं ने जिला प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि जनहित और मानव जीवन की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए बैराज क्षेत्र में स्थायी पुलिस पिकेट की तैनाती की जाए। साथ ही नदी किनारे चेतावनी बोर्ड लगाने, गोताखोरों की मुस्तैद टीम रखने और पानी के भीतर बैरिकेडिंग की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए, ताकि भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

 

 

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