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सहसवान: पुलिस और ट्रैफिक व्यवस्था के बावजूद अकबराबाद चौराहे पर जाम से जनता बेहाल, अवैध स्टैंड बना नासूर।

सहसवान: पुलिस और ट्रैफिक व्यवस्था के बावजूद अकबराबाद चौराहे पर जाम से जनता बेहाल, अवैध स्टैंड बना नासूर।

सहसवान (बदायूं)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों और जिले के आला अधिकारियों के दावों के बावजूद सहसवान का अकबराबाद चौराहा जाम का अखाड़ा बना हुआ है। बदायूं-मेरठ फोरलेन हाईवे पर स्थित इस महत्वपूर्ण चौराहे पर तैनात पुलिस और ट्रैफिक कर्मियों की मौजूदगी में ही नियम कायदों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, जिससे आम राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस पिकेट और टीआई की तैनाती के बाद भी सड़क के दोनों ओर अवैध टैक्सी, डग्गामार टेंपो और ठेले-खोमचे वालों का कब्जा बरकरार है। हैरानी की बात यह है कि यातायात सुचारू रखने की जिम्मेदारी संभालने वाले कर्मी इसे लेकर मूकदर्शक बने रहते हैं। न तो अवैध पार्किंग हटाने की ठोस पहल हो रही है और न ही यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कोई कार्रवाई की जा रही है।

स्थानीय निवासियों के अनुसार, हाईवे के दोनों किनारों को ऑटो और ई-रिक्शा चालकों ने अपने अवैध स्टैंड में तब्दील कर दिया है। जबकि प्रशासन द्वारा मंडी के पास ऑटो संचालन के लिए स्थान निर्धारित किया गया है, बावजूद इसके चालक चौराहे पर ही सवारियां भरते और उतारते हैं। इससे सुबह होते ही यातायात बाधित हो जाता है। ऑटो चालकों का यह भी आरोप है कि यहां नगर पालिका के नाम पर अवैध वसूली की जाती है, जिसका विरोध करने पर विवाद की स्थिति पैदा होती है।

पूर्व में भी इस चौराहे से अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाए गए, जेसीबी से अतिक्रमण ध्वस्त किए गए और वाहनों को सीज भी किया गया, लेकिन प्रशासनिक सख्ती महज दिखावे तक सीमित रही। कार्रवाई के कुछ दिनों बाद ही अतिक्रमणकारी दोबारा कब्जा जमा लेते हैं। एआरटीओ अंबरीश कुमार का भी दावा रहा है कि सरकार सड़क पर अतिक्रमण करने वाले वाहनों के प्रति सख्त है, लेकिन सहसवान की धरातलीय स्थिति उनके दावों की पोल खोल रही है।

इस पूरे प्रकरण पर एसडीएम रिपुदमन सिंह ने अवैध वसूली की शिकायतों की जांच कर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। हालांकि, क्षेत्रवासियों का मानना है कि जब तक अवैध वसूली पर अंकुश नहीं लगता और नियमित प्रवर्तन के साथ स्थाई पार्किंग व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक अकबराबाद चौराहे को जाम के झाम से मुक्ति मिलना संभव नहीं है।

 

 

 

 

 

 

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