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सहसवान में निजी अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल, स्वास्थ्य विभाग की भूमिका जांच के घेरे में।

सहसवान में निजी अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल, स्वास्थ्य विभाग की भूमिका जांच के घेरे में।

मोहित यादव, संवाददाता 

सहसवान (बदायूं)। नगर के चौकी नंबर–4 क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार यह अस्पताल लंबे समय से बिना वैध पंजीकरण, आवश्यक लाइसेंस और सूचना-पट्ट के संचालित किया जा रहा है, लेकिन संबंधित विभाग की ओर से अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई सामने नहीं आई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार लगभग एक माह पूर्व ग्राम गडोलिया पट्टी तासौल निवासी एक प्रसूता की उपचार के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। मृतका के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया था। मामले की सूचना मिलने पर एसीएमओ सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल का निरीक्षण किया, लेकिन निरीक्षण के बाद भी किसी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई न होने से लोगों में रोष व्याप्त है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अस्पताल में कथित तौर पर विशेषज्ञ चिकित्सकों के अभाव में प्रसव एवं अन्य उपचार किए जा रहे हैं, जिससे मरीजों की जान को खतरा बना रहता है। आरोप है कि न तो अस्पताल को सील किया गया और न ही उपचार से जुड़े अभिलेख जब्त किए गए, साथ ही अस्पताल संचालक के विरुद्ध कोई कानूनी कार्रवाई भी नहीं की गई।

सूत्रों के अनुसार कुछ अवैध रूप से संचालित अस्पतालों को कथित मिलीभगत के चलते संरक्षण मिल रहा है, जिससे स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं। विभागीय स्तर पर स्पष्ट कार्रवाई न होने से पूरा मामला और भी संदेहास्पद होता जा रहा है।

क्षेत्रीय लोगों ने उच्चाधिकारियों से प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में मरीजों और प्रसूताओं की जान के साथ किसी भी प्रकार का जोखिम न हो।

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