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बदायूं: केंद्रीय राज्य मंत्री ने किया राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का उद्घाटन।

केंद्रीय राज्य मंत्री ने किया राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का उद्घाटन।

नो हेलमेट–नो पेट्रोल को प्रभावी ढंग से लागू कराएं : बीएल वर्मा।

जनचेतना, जागरूकता और यातायात नियमों के पालन से सड़क दुर्घटनाओं में लाई जा सकती है कमी।

राष्ट्रीय न्यूज़ टुडे 

बदायूँ। सड़क दुर्घटनाओं में हो रही लगातार बढ़ती मौतों को लेकर सरकार गंभीर है। इसी उद्देश्य से 01 से 31 जनवरी 2026 तक राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह मनाया जाएगा। इसका विधिवत उद्घाटन गुरुवार को कलेक्ट्रेट स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री बीएल वर्मा ने किया।

कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री ने उपस्थित अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, उद्यमियों एवं आमजन को सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाई तथा सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

सड़क सुरक्षा सबकी जिम्मेदारी।

जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री बीएल वर्मा ने कहा कि बीमारियों से अधिक मौतें सड़क दुर्घटनाओं में होती हैं, जो अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि जनचेतना, जागरूकता, यातायात नियमों की जानकारी और उनका पालन करके सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सकती है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी “सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास और सबका विश्वास” के मंत्र पर कार्य कर रहे हैं। सड़क दुर्घटनाओं को रोकना हम सभी का सामूहिक दायित्व है और सड़क सुरक्षा सिर्फ सरकार नहीं, बल्कि समाज की भी जिम्मेदारी है।

नो हेलमेट–नो पेट्रोल पर सख्ती के निर्देश।

केंद्रीय राज्य मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि “नो हेलमेट–नो पेट्रोल” अभियान को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना में किसी व्यक्ति की मृत्यु से पूरा परिवार प्रभावित हो जाता है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि कुल सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में 18 से 34 वर्ष के युवाओं की हिस्सेदारी लगभग 66 प्रतिशत है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री के संकल्प में सभी नागरिकों को योगदान देना होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री के कथन का उल्लेख करते हुए कहा कि “जब इस देश का एक व्यक्ति एक कदम आगे बढ़ता है, तो पूरा देश 140 करोड़ कदम आगे बढ़ता है।”

जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के विचार।

सदर विधायक महेश चंद गुप्ता ने कहा कि भारत एक दिन विश्व गुरु बनेगा। उन्होंने कहा कि “अच्छा सोचो तो अच्छा होगा, आज नहीं तो कल जरूर होगा।” सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सभी को ईमानदारी से प्रयास करने होंगे।

सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) अम्बरीश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि देश में प्रतिवर्ष औसतन पौने दो लाख लोगों की मृत्यु सड़क दुर्घटनाओं में होती है, जबकि उत्तर प्रदेश में यह आंकड़ा लगभग साढ़े 24 हजार है।

उन्होंने बताया कि सेव लाइफ फाउंडेशन द्वारा देश के 100 जनपदों को जीरो फैटैलिटी डिस्ट्रिक्ट (ZFD) के रूप में चिन्हित किया गया है, जिनमें उत्तर प्रदेश के 20 जनपद शामिल हैं। इसमें जनपद बदायूँ 18वें स्थान पर है। यह आंकड़े वर्ष 2023-24 के आधार पर हैं और इसके लिए रोड सेफ्टी एक्शन प्लान भी तैयार किया गया है।

उन्होंने बताया कि राहवीर योजना के अंतर्गत गोल्डन आवर में सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाले गुड सेमेरिटन को अब ₹25,000 की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी तथा उसे सम्मानित भी किया जाएगा।

ब्लैक स्पॉट और क्रिटिकल कॉरिडोर।

लोक निर्माण विभाग के अभियंता ने बताया कि वर्ष 2025 में जनपद में 22 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए थे, जिनमें से 09 पर कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि शेष 13 को शासन स्तर से स्वीकृति मिल गई है, जिन पर शीघ्र कार्य शुरू किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि जनपद में चार क्रिटिकल कॉरिडोर हैं—

  • बदायूँ–बिजनौर मार्ग
  • बदायूँ–मेरठ मार्ग
  • मुरादाबाद–फर्रुखाबाद मार्ग
  • राष्ट्रीय राजमार्ग 530-बी

इसके साथ ही जनपद के 21 थानों में से 11 थाने सड़क दुर्घटनाओं के दृष्टिगत क्रिटिकल श्रेणी में आते हैं।

कार्यक्रम में जिलाधिकारी अवनीश राय, भाजपा जिला उपाध्यक्ष शारदेंदु पाठक, अपर जिलाधिकारी प्रशासन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, उद्यमी, व्यापारी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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