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बिसौली: ईद-उल-अजहा पर मस्जिद बिलाल के इमाम हाफिज शादाब रजा की अपील, कानूनी बंदिशों और दूसरों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान कर मनाएं त्योहार।

ईद-उल-अजहा पर मस्जिद बिलाल के इमाम हाफिज शादाब रजा की अपील, कानूनी बंदिशों और दूसरों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान कर मनाएं त्योहार।

बिसौली, बदायूं। आगामी 28 मई को मनाए जाने वाले पवित्र त्योहार ईद-उल-अजहा (बकरीद) को लेकर क्षेत्र में तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसी सिलसिले में बिसौली स्थित मस्जिद बिलाल के इमाम हाफिज शादाब रजा उवैसी ने विशेष तकरीर पेश करते हुए मुस्लिम समुदाय के लोगों से बेहद अहम और जिम्मेदारी भरी अपील की है। उन्होंने अवाम से मुखातिब होते हुए कहा कि सभी लोग त्योहार के दौरान केवल उन्हीं जानवरों की कुर्बानी दें, जिन पर सरकार या प्रशासन की तरफ से किसी भी प्रकार की कोई पाबंदी या कानूनी बंदिश नहीं है।

इमाम ने स्पष्ट किया कि कुर्बानी देना महज कोई सामाजिक रस्म-ओ-रिवाज नहीं है, बल्कि यह पैगंबर हजरत इब्राहिम और हजरत इस्माइल अलैहिस्सलाम की मुकद्दस सुन्नत है, जो विशुद्ध रूप से एक इबादत है। इसलिए इस इबादत को मुकम्मल करते समय सभी कानूनी प्रावधानों का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए और किसी भी सूरत में कानून का उल्लंघन नहीं होना चाहिए।

हाफिज शादाब रजा उवैसी ने सामाजिक सौहार्द पर जोर देते हुए कहा कि हमें कुर्बानी की रस्म अदा करते समय अपने आसपास रहने वाले दूसरे समाज के लोगों और अन्य धर्मों की धार्मिक भावनाओं का पूरा सम्मान करना चाहिए, क्योंकि वास्तविक त्योहार वही है जिसमें अपनी खुशी के साथ-साथ दूसरों की सहूलियत और खुशी का भी पूरा ख्याल रखा जाए।

उन्होंने अंत में सभी अकीदतमंदों से अपील की कि वे ईद की नमाज मस्जिद और ईदगाह के परिसर के अंदर ही अदा करें तथा सड़कों या किसी भी खुली सार्वजनिक जगह पर सामूहिक नमाज पढ़ने से पूरी तरह परहेज करें। इसके साथ ही उन्होंने सभी से त्योहार के पावन मौके पर नमाज के बाद अपने मुल्क हिंदुस्तान की अमन-चैन, हिफाजत, आपसी भाईचारे और तरक्की के लिए विशेष दुआ मांगने का आह्वान किया है।

 

 

 

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