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बलरामपुर: सीआरएम टीम ने संयुक्त जिला चिकित्सालय में किया औचक निरीक्षण।

स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में खामियां देख अधिकारियों को लगाई फटकार। 

✍️ गुलाम नबी कुरैशी, संवाददाता 

बलरामपुर। जनपद की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की हकीकत उस समय सामने आ गई जब सोमवार को केंद्रीय कॉमन रिव्यू मिशन (सीआरएम) टीम ने संयुक्त जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मिली अव्यवस्थाओं पर टीम के अधिकारियों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी और सीएमएस डॉ. राजकुमार वर्मा को जमकर फटकार लगाई और जल्द सुधार के निर्देश दिए।

टीम का नेतृत्व एडीजी (स्वास्थ्य) डॉ. रघुराम राव कर रहे थे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “दिखावे का नहीं, असली सुधार चाहिए। मेडिकल कॉलेज शुरू होने से पहले जिला अस्पताल की सेवाएं पूरी तरह मानक के अनुरूप हों।”

शाम करीब पांच बजे टीम अस्पताल पहुंची, जब ओपीडी का समय समाप्त हो चुका था। इसके बावजूद अधिकारियों ने एक्स-रे, सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड, ओटी, आयुष्मान वार्ड और टीवी वार्ड का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान टीवी यूनिट के पास स्थित शौचालय बंद मिला, जिस पर अधिकारियों ने नाराजगी जताई और तुरंत सुधार के आदेश दिए।

महिला वार्ड और डायलिसिस यूनिट का भी बारीकी से निरीक्षण किया गया। टीम को कई मशीनें बंद, रिकॉर्ड अधूरे और सफाई व्यवस्था लचर मिली। आयुष्मान भारत वार्ड को अलग से संचालित करने पर भी आपत्ति दर्ज की गई। जब स्थानीय अधिकारियों ने सफाई दी कि अब अस्पताल मेडिकल कॉलेज के अधीन है, तो डॉ. राव ने सख्त लहजे में कहा कि कॉलेज शुरू होने में समय है, तब तक अस्पताल ही मरीजों की जिम्मेदारी उठाएगा।

निरीक्षण में ओटी, किचन, डायलिसिस यूनिट और फार्मेसी की स्थिति संतोषजनक पाई गई, लेकिन जगह-जगह गंदगी, टूटी फर्श, अधूरे अभिलेख और खराब शौचालय व्यवस्था देखकर अधिकारी नाराज हुए। एडीजी (स्वास्थ्य) ने व्यंग्यात्मक रूप से कहा — “टीम के आने की जानकारी पहले से थी, तभी इतनी सफाई और रंगाई-पुताई दिखाई दे रही है। दिखावे का नहीं, स्थायी सुधार चाहिए।”

निरीक्षण के दौरान सीएमओ डॉ. मुकेश रस्तोगी, सीएमएस डॉ. राजकुमार वर्मा और मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेश चतुर्वेदी सहित सभी जिम्मेदार डॉक्टर मौजूद रहे।

टीम का एक हिस्सा जब जिला महिला चिकित्सालय पहुंचा तो वहां भी कई खामियां मिलीं — गलत फॉर्मेट के रजिस्टर, अधूरे रिकॉर्ड और बाल रोग वार्ड की अव्यवस्थित स्थिति देखकर अधिकारियों ने एसएमएस सुमन दत्ता गौतम को तत्काल सुधार के निर्देश दिए और चेतावनी दी कि अगली जांच में गड़बड़ियां मिलने पर कार्रवाई तय होगी।

इससे पहले टीम ने श्रावस्ती स्थित एक होटल में करीब 7 घंटे की समीक्षा बैठक की थी, जिसमें सभी स्वास्थ्य अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट मांगी गई और यह स्पष्ट किया गया कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। साथ ही, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए कई अहम दिशा-निर्देश जारी किए गए।

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