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बिसौली की कादरी मस्जिद में ईद-उल-अजहा को लेकर अहम बैठक, उलेमाओं ने सरकार की गाइडलाइन और साफ-सफाई का पालन करने की अपील की।

बिसौली की कादरी मस्जिद में ईद-उल-अजहा को लेकर अहम बैठक, उलेमाओं ने सरकार की गाइडलाइन और साफ-सफाई का पालन करने की अपील की।

आई एम खान 

बिसौली (बदायूं)। नगर की ऐतिहासिक कादरी मस्जिद में आगामी त्योहार ईद-उल-अजहा (बकरीद) के पावन अवसर को लेकर एक विशेष और महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें मुस्लिम समुदाय के नागरिकों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए गए। बैठक के दौरान मौजूद सभी धर्मगुरुओं और प्रबुद्ध जनों ने आगामी त्योहार को पूरी शिष्टता, अमन-चैन, आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द के साथ मनाने की पुरजोर अपील की।

इस विशेष बैठक का औपचारिक आगाज मदरसे के प्रिंसिपल मौलाना मोहम्मद इफ्तेखार अशरफी द्वारा पवित्र कुरआन पाक की तिलावत (पाठ) के साथ किया गया। इसके उपरांत, कादरी मस्जिद के पेश इमाम मौलाना अफलाक रजा उवैसी ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन द्वारा त्योहार को लेकर जारी की गई आधिकारिक गाइडलाइन का पूरी तरह पालन करने का आग्रह किया। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं और समाज के लोगों को आगाह करते हुए कहा कि वे कुर्बानी के जानवरों की तस्वीरें या वीडियो किसी भी सूरत में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा न करें, जिससे समाज में किसी प्रकार की गलतफहमी या अशांति पैदा हो।

इसी क्रम में रजा मस्जिद के इमाम हाफिज शरीफ जामी ने अपनी बात रखते हुए कहा कि कुर्बानी करने वाले सभी परिवार और लोग सरकार की ओर से तय किए गए नियमों और स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें। मदरसा फैजान-ए-रजा-ए-मुस्तफा के प्रिंसिपल मौलाना मोहम्मद इफ्तेखार अशरफी ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि कानूनन रूप से पूरी तरह प्रतिबंधित किसी भी जानवर की कुर्बानी से हर मुसलमान को पूरी तरह परहेज करना चाहिए।

बिलाल मस्जिद के पेश इमाम हाफिज शादाब रजा उवैसी ने त्योहार के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कुर्बानी इस्लाम धर्म की एक बेहद पवित्र और महत्वपूर्ण इबादत है, जो हर साहिबे-हैसियत (सक्षम) मुसलमान पर वाजिब है, इसलिए इसे जिम्मेदारी के साथ मुकम्मल किया जाना चाहिए। मदीना मस्जिद के इमाम मोहम्मद रफीक खान ने त्योहार के दौरान स्वच्छता पर जोर देते हुए कहा कि कुर्बानी के समय और उसके बाद आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए और अवशेषों को खुले में न फेंककर सही स्थान पर दफन किया जाए।

नफीस मस्जिद के इमाम हाफिज मजहर खान ने गंगा-जमुनी तहजीब को बनाए रखने की बात कहते हुए सभी से दूसरे धर्म के लोगों की आस्था, मान्यताओं और भावनाओं का पूरा सम्मान करने की अपील की, ताकि क्षेत्र में शांति का माहौल बना रहे। इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान समाज के कई गणमान्य लोग मुख्य रूप से मौजूद रहे, जिनमें हाजी साबिर खान, हाजी रफीक, कमेटी के सदर फय्याज खान, चांद मंसूरी, कमर अंसारी, तैयब मंसूरी, गुड्डू खान, बिट्टू खान, नगर पालिका सभासद रहीस सैफी, फहीम फारूकी, मोहम्मद वकील, मुजाहिद फारूकी, शरीफ अहमद फारूकी, जाकिर सैफी, अजीम कुरैशी, दानिश कुरैशी और इकबाल सैफी सहित भारी संख्या में स्थानीय लोग और अकीदतमंद शामिल हुए।

 

 

 

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