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बलरामपुर में एमए की छात्रा की संदिग्ध मौत, हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटका मिला शव।

बलरामपुर में एमए की छात्रा की संदिग्ध मौत, हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटका मिला शव।

गुलाम नबी कुरैशी, संवाददाता 

बलरामपुर (उत्तर प्रदेश)। बलरामपुर जनपद के एमएलके पीजी कॉलेज में राजनीति शास्त्र से एमए प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रही 22 वर्षीय छात्रा कोमल गुप्ता का शव शनिवार देर रात निजी गर्ल्स हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटका मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही कॉलेज परिसर में हड़कंप मच गया, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि मौत के कारणों को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू से जांच की जा रही है।

पुलिस ने छात्रा का मोबाइल फोन और निजी नोटबुक अपने कब्जे में ले ली है। मोबाइल कॉल डिटेल, चैट रिकॉर्ड और संपर्क सूची की गहन जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि छात्रा किसी मानसिक दबाव या परेशानी से गुजर रही थी या नहीं।

घटनास्थल पर क्षेत्राधिकारी ज्योतिश्री एवं मनोज कुमार सिंह पुलिस बल के साथ पहुंचे। उनकी मौजूदगी में फोरेंसिक टीम ने कमरे का निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्र किए। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि कोमल बीते 7 दिसंबर से निजी गर्ल्स हॉस्टल में रह रही थी।

सहपाठी छात्राओं के अनुसार, कोमल स्वभाव से शांत और कम बोलने वाली थी। वह अक्सर गहरी सोच में डूबी रहती थी। पुलिस का कहना है कि राजनीति शास्त्र जैसे विषय को अत्यधिक तनावपूर्ण नहीं माना जाता, फिर भी मानसिक दबाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

घटना की जानकारी मिलते ही बहराइच जनपद के मिहींपुरवा बाजार निवासी परिजन बलरामपुर पहुंच गए। मृतका के बड़े भाई रमन गुप्ता और छोटे भाई अरविंद गुप्ता का रो-रोकर बुरा हाल रहा। रमन गुप्ता ने बताया कि चार भाई-बहनों में कोमल दूसरे नंबर पर थी और पढ़ाई में बेहद होनहार थी। उन्होंने यह भी बताया कि कोमल परीक्षा को लेकर कुछ दिनों से चिंतित रहती थी। दोनों भाई बलरामपुर में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे।

इन बिंदुओं पर केंद्रित है पुलिस जांच

पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि क्या कोमल किसी मानसिक तनाव से जूझ रही थी, उसने शहर में मौजूद भाइयों से संपर्क क्यों नहीं किया, उसकी नोटबुक में क्या लिखा है, मोबाइल में पिछले 36 घंटों के दौरान किन लोगों से बातचीत हुई और हॉस्टल में उसका व्यवहार कैसा था। साथ ही पारिवारिक, सामाजिक या व्यक्तिगत कारणों की भी पड़ताल की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद ही मौत की असल वजह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल मामले की हर एंगल से जांच जारी है।

Byte – विशाल पाण्डेय अपर पुलिस अधीक्षक बलरामपुर

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