Breaking News

लखीमपुर खीरी: ईद-उल-अजहा की आहट से महके बकरा बाजार, खरीदारों की भारी आमद से बढ़ी रौनक।

लखीमपुर खीरी: ईद-उल-अजहा की आहट से महके बकरा बाजार, खरीदारों की भारी आमद से बढ़ी रौनक।

संवाददाता, मोहम्मद कमर 

लखीमपुर खीरी। बकरीद का मुकद्दस त्योहार नजदीक आते ही जनपद के विभिन्न बकरा बाजारों में व्यापारिक सरगर्मियां बेहद तेज हो गई हैं। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण अंचलों तक के पशु बाजारों में खरीदारों और व्यापारियों का तांता लगा हुआ है। सुबह होते ही मंडियों में चहल-पहल शुरू हो जाती है, जो देर शाम तक बदस्तूर जारी रहती है। त्योहार को लेकर अकीदतमंदों में खासा उत्साह देखा जा रहा है, जिसके चलते बाजारों में पैर रखने तक की जगह नहीं मिल रही है।

इस बार बाजारों में विभिन्न प्रजातियों, आकर्षक कद-काठी और अलग-अलग नस्लों के बकरे बिक्री के लिए पहुंचे हैं। बाजार का जायजा लेने पर साफ नजर आ रहा है कि कोई ग्राहक चमकदार सफेद रंग के पशुओं को प्राथमिकता दे रहा है, तो कोई भारी-भरकम और ऊंचे कद के बकरों की कीमतें तय करने में मशगूल है। आकर्षण का केंद्र बने कुछ विशेष बकरों के मालिकों ने उनके अनोखे नाम भी रखे हैं, जिन्हें देखने और उनके साथ तस्वीरें खिंचवाने के लिए शौकीनों का हुजूम उमड़ रहा है।

दूर-दराज के देहाती इलाकों से आए पशुपालकों और व्यापारियों को उम्मीद है कि इस मर्तबा बीते वर्षों के मुकाबले कहीं बेहतर कारोबार होगा। बाजार में जहां व्यापारी मनमाफिक दाम वसूलने की कोशिश में हैं, वहीं खरीदार भी अपने बजट और पसंद के अनुसार जमकर मोलभाव करते दिखाई दे रहे हैं। दूसरी ओर, त्योहार के मद्देनजर उमड़ रही इस भारी भीड़ को देखते हुए स्थानीय पुलिस और प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद है। संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले मुख्य बाजारों में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद की गई है ताकि यातायात सुचारू रहे और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न पनपने पाए। जैसे-जैसे त्योहार के दिन करीब आ रहे हैं, मंडियों की यह रंगत और परवान चढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

Spread the love

Check Also

बलरामपुर: 20 फुट गहरी सुरंग में फंसे युवक के लिए देवदूत बनी पुलिस, जान जोखिम में डालकर बचाई जिंदगी।

बलरामपुर: 20 फुट गहरी सुरंग में फंसे युवक के लिए देवदूत बनी पुलिस, जान जोखिम …

error: Content is protected !!