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बलरामपुर के कस्तूरबा गांधी विद्यालय में हीट वेव का कहर: क्लास रूम में पढ़ाई के दौरान बेहोश हुईं आठ छात्राएं, जिला अस्पताल में भर्ती, डीएम ने दिए अवकाश के निर्देश।

बलरामपुर के कस्तूरबा गांधी विद्यालय में हीट वेव का कहर: क्लास रूम में पढ़ाई के दौरान बेहोश हुईं आठ छात्राएं, जिला अस्पताल में भर्ती, डीएम ने दिए अवकाश के निर्देश।

बलरामपुर (गुलाम नबी कुरैशी)। जनपद में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी और जानलेवा उमस के बीच जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में संचालित कस्तूरबा आवासीय विद्यालय में गुरुवार को एक बड़ा हादसा होते-होते बचा। विद्यालय में रोजाना की तरह कक्षाएं चल रही थीं, तभी अचानक कड़कड़ाती धूप और हीट वेव (लू) के कारण क्लास रूम के भीतर ही छात्राओं की तबीयत एक-एक कर बिगड़ने लगी। देखते ही देखते कई छात्राएं अचेत होकर जमीन पर गिर पड़ीं, जिससे पूरे विद्यालय परिसर में कोहराम और अफरा-तफरी मच गई।

बच्चियों की ऐसी गंभीर हालत देख वहां मौजूद स्टाफ ने तुरंत वार्डन सुधा मिश्रा को मामले की सूचना दी। वार्डन ने बिना कोई समय गंवाए तत्काल 108 एम्बुलेंस सेवा को फोन किया और सभी प्रभावित छात्राओं को आनन-फानन में जिला मेमोरियल अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में भर्ती कराया।

अस्पताल के आपातकालीन चिकित्सक डॉ. ऋषि श्रीवास्तव ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि एम्बुलेंस के जरिए कस्तूरबा विद्यालय की कुल आठ बच्चियों को इलाज के लिए लाया गया था। अस्पताल पहुंचते समय इनमें से तीन छात्राएं पूरी तरह अचेत (बेहोश) थीं, जबकि अन्य पांच बच्चियों की हालत भी अत्यधिक उल्टी, तेज सिर दर्द और घबराहट के कारण नाजुक बनी हुई थी। डॉक्टरों की टीम द्वारा सभी पीड़ित छात्राओं का सघन इलाज शुरू कर दिया गया है और फिलहाल उनकी स्थिति नियंत्रण में व स्थिर बताई जा रही है।

इस गंभीर घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला हरकत में आ गया। जिलाधिकारी विपिन जैन ने तत्काल डॉक्टरों की एक विशेष टीम को कस्तूरबा विद्यालय भेजकर वहां मौजूद अन्य सभी बच्चियों के स्वास्थ्य की जांच करने के कड़े निर्देश दिए। इसके साथ ही जिलाधिकारी ने मौसम के इस जानलेवा रुख और भीषण उमस को देखते हुए जिले के सभी कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों में तुरंत प्रभाव से ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित करने का आदेश जारी कर दिया है।

गौरतलब है कि बलरामपुर जिले में कुल ग्यारह कस्तूरबा आवासीय विद्यालय संचालित हैं, जिनमें लगभग 1900 छात्राएं रहकर अपनी पढ़ाई पूरी करती हैं। इस चिलचिलाती धूप और रिकॉर्ड तोड़ गर्मी में भी इन मासूम बच्चियों को पढ़ाई करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा था। हैरान करने वाली बात यह है कि जिले के अन्य सभी परिषदीय और निजी स्कूलों में बुधवार से ही भीषण गर्मी के मद्देनजर आधिकारिक अवकाश घोषित कर दिया गया था, लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों में समय रहते छुट्टी नहीं दी गई थी और वहां लगातार कक्षाएं संचालित की जा रही थीं, जिसका खामियाजा आखिरकार इन मासूम छात्राओं को भुगतना पड़ा। प्रशासन के इस त्वरित फैसले के बाद अब सभी कस्तूरबा विद्यालयों को बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

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