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लखनऊ में वकीलों पर लाठीचार्ज के विरोध में बिसौली में प्रदर्शन, अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट की उठी मांग।

तहसील बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने निकाला आक्रोश जुलूस; सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर जताया तीखा विरोध।

आई एम खान 

बिसौली। राजधानी लखनऊ में अधिवक्ताओं के चेंबर तोड़े जाने की कार्रवाई के दौरान वकीलों पर किए गए बर्बर लाठीचार्ज की गूँज अब बिसौली तक पहुंच गई है। इस दमनकारी घटना के विरोध में बिसौली तहसील बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित वकीलों ने लामबंद होकर तहसील परिसर में ज़ोरदार विरोध प्रदर्शन किया और एक रोष मार्च निकाला। प्रदर्शनकारी वकीलों ने सरकार की इस दमनकारी नीति के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पूरे उत्तर प्रदेश में तत्काल ‘अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट’ (अधिवक्ता सुरक्षा कानून) लागू करने की पुरजोर मांग उठाई।

तहसील परिसर में आयोजित सभा के दौरान वरिष्ठ वक्ताओं ने कहा कि लखनऊ में शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रख रहे कानून के रखवालों पर लाठीचार्ज किया जाना बेहद निंदनीय और अलोकतांत्रिक कृत्य है। वकीलों पर हुआ यह हमला सिर्फ कुछ अधिवक्ताओं पर नहीं, बल्कि पूरे देश और प्रदेश के अधिवक्ता समाज के सम्मान पर कुठाराघात है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही वकीलों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम नहीं उठाए और दोषियों पर कार्रवाई नहीं की, तो यह आंदोलन और अधिक उग्र रूप अख्तियार करेगा।

इस बड़े विरोध प्रदर्शन और आक्रोश जुलूस में मुख्य रूप से बलबीर सिंह, हृदेश शर्मा, कमर अब्बास, विवेक कुमार यादव, रावेंद्र नाथ गुप्ता, बदायूँ के एडवोकेट चेयरपर्सन अबरार खान, अफज़ल खान, भुवनेश सिंह, अखिलेश यादव, योगेश कुमार यादव, वेद प्रकाश यादव, युधिष्ठिर यादव एडवोकेट, नकी मोहम्मद, सत्यपाल सिंह, जावेद खान, हरिओम शर्मा, इकरार अहमद, मो. सलीम और नितिन गुप्ता सहित भारी संख्या में तहसील के अधिवक्ता और पदाधिकारी मुस्तैद रहे।

 

 

 

 

 

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