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गंजडुंडवारा में जर्जर सड़क बनी जी का जंजाल: गहरे गड्ढे में पलटने से बची ईंटों से भरी ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली, टला बड़ा हादसा।

गंजडुंडवारा में जर्जर सड़क बनी जी का जंजाल: गहरे गड्ढे में पलटने से बची ईंटों से भरी ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली, टला बड़ा हादसा।

संवाददाता, वसीम कुरैशी 

गंजडुंडवारा, कासगंज। कस्बे के मुख्य संपर्क मार्ग बान मंडी तिराहा से लेकर स्टेट बैंक चौराहा तक की सड़क पूरी तरह से बदहाल हो चुकी है, जिसके चलते राहगीरों और वाहन चालकों को हर दिन जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है। इस जर्जर मार्ग पर रविवार की सुबह एक भीषण हादसा होते-होते बचा। बान मंडी तिराहा स्थित कब्रिस्तान के समीप ईंटों से लदी एक ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली जैसे ही सड़क के एक गहरे गड्ढे में अनियंत्रित हुई, वह पलटने से बाल-बाल बच गई।

हालांकि, संतुलन बिगड़ने के कारण ट्रॉली में भरी भारी मात्रा में ईंटें सड़क पर चारों तरफ बिखर गईं। गनीमत यह रही कि उस सटीक समय पर कोई राहगीर, पैदल यात्री या दोपहिया वाहन चालक वहां से नहीं गुजर रहा था, वरना कोई बड़ी जनहानि या गंभीर हादसा तय था। स्थानीय दुकानदारों और नागरिकों का कहना है कि यह मार्ग लंबे समय से पूरी तरह जर्जर है और आए दिन यहाँ छोटे-बड़े वाहन अनियंत्रित होकर हादसों का शिकार होते रहते हैं।

क्षेत्रीय लोगों और व्यापारियों में इस दुर्दशा को लेकर गहरा आक्रोश व्याप्त है। उनका आरोप है कि संबंधित विभाग और पालिका प्रशासन इस गंभीर समस्या को लेकर केवल खानापूर्ति करने में जुटा है। कुछ समय पहले नगर पालिका द्वारा इन जानलेवा गड्ढों में मिट्टी और बजरी डालकर अस्थाई मरम्मत का दावा किया गया था, लेकिन भारी वाहनों के लगातार आवागमन के कारण वह बजरी कुछ ही दिनों में उखड़ गई, जिससे सड़क की स्थिति पहले से भी ज्यादा भयावह हो गई है।

चूंकि यह कस्बा का मुख्य मार्ग है, इसलिए यहाँ से बाजार, प्रमुख बैंक, विद्यालय और विभिन्न मोहल्लों के हजारों लोग रोजाना गुजरते हैं। रात के समय स्ट्रीट लाइटों की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण यह अंधेरा सफर और भी ज्यादा खतरनाक हो जाता है, जिससे पिछले कुछ महीनों में कई बाइक सवार फिसलकर चोटिल हो चुके हैं।

आगामी समय में होने वाली बारिश को लेकर स्थानीय निवासी बेहद चिंतित हैं, क्योंकि जलभराव होने के बाद सड़क के गड्ढों की गहराई का अंदाजा लगाना नामुमकिन हो जाता है, जिससे ई-रिक्शा और दोपहिया वाहनों के पलटने का जोखिम दोगुना हो जाता है। बार-बार की शिकायतों के बाद भी कोई ठोस या स्थाई समाधान न होने से नाराज क्षेत्रवासियों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है।

स्थानीय नागरिकों ने पालिका प्रशासन और उच्चाधिकारियों से पुरजोर मांग की है कि इस पैचवर्क की औपचारिकता को बंद कर पूरे मार्ग का नए सिरे से पुनर्निर्माण कराया जाए ताकि लोगों को सुरक्षित आवागमन मिल सके। इसके साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि जल्द ही सड़क निर्माण का कार्य धरातल पर शुरू नहीं हुआ, तो क्षेत्र की जनता उग्र आंदोलन और प्रदर्शन के लिए मजबूर होगी।

 

 

 

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