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शिक्षा माफिया और निजी अस्पतालों की मनमानी के खिलाफ भाकियू (चढ़ूनी) का हल्लाबोल।

शिक्षा माफिया और निजी अस्पतालों की मनमानी के खिलाफ भाकियू (चढ़ूनी) का हल्लाबोल।

संवाददाता, शिवेन्द्र यादव 

बदायूँ। भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) ने सोमवार को किसानों और जनहित से जुड़ी ज्वलंत समस्याओं को लेकर मालवीय आवास गृह पर मासिक पंचायत का आयोजन किया। पंचायत के दौरान वक्ताओं ने प्रशासनिक शिथिलता पर जमकर प्रहार किया और बाद में मुख्यमंत्री को संबोधित सात सूत्रीय ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।

शिक्षा माफियाओं पर कार्रवाई की मांग

पंचायत को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष सतीश साहू ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के स्पष्ट आदेशों के बावजूद जनपद के निजी विद्यालयों में ऊंचे दामों पर बाहरी प्रकाशकों की पुस्तकें धड़ल्ले से बेची जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग की चुप्पी शिक्षा माफियाओं को संरक्षण देने के समान है। साहू ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द इन पर अंकुश नहीं लगाया, तो संगठन बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होगा।

निजी अस्पतालों में मरीजों की लूट और दवाओं का खेल

जिला महासचिव बीईशू दास ने स्वास्थ्य सेवाओं का मुद्दा उठाते हुए कहा कि निजी नर्सिंग होम और अस्पतालों में मरीजों को जेनेरिक दवाएं प्रिंट रेट पर बेचकर लूटा जा रहा है, जबकि ये दवाएं बाजार में बेहद सस्ती उपलब्ध हैं। उन्होंने मांग की कि ऐसे अस्पतालों को चिन्हित कर उनके संचालकों पर कठोर कार्रवाई की जाए।

नदी पर अवैध कब्जा और गौशालाओं की दुर्दशा

जिला प्रभारी कृष्ण अवतार शाक्य ने भैंसोर नदी को अवैध कब्जे से मुक्त कराने की अपनी पुरानी मांग को दोहराया। उन्होंने कहा कि बार-बार ज्ञापन देने के बाद भी संबंधित विभाग ने कोई कदम नहीं उठाया है। साथ ही उन्होंने जिले की गौशालाओं की दयनीय स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की और जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही पर रोष जताया।

अधूरे सड़क निर्माण और भ्रष्टाचार का मुद्दा

प्रदेश सचिव आसिम उमर ने उझानी नगर में पीडब्ल्यूडी द्वारा कराए जा रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य के लंबे समय से अधूरा रहने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि खराब सड़कों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं और आगामी सावन माह में कांवड़ियों को भारी दिक्कत होगी। वहीं जिला सचिव महेंद्र पाल ने रजिस्ट्री कार्यालयों में बैनामा कराने वालों से ली जा रही कथित एक प्रतिशत की रिश्वत का मुद्दा उठाते हुए इसे सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति की धज्जियां उड़ाना बताया। उन्होंने शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में मच्छरों के प्रकोप को देखते हुए तत्काल फॉगिंग कराने की भी मांग की।

इस अवसर पर यार्वेंद्र यादव, बीयीशुदास, नूरुद्दीन, रजनीश उपाध्याय, सत्येंद्र यादव, रनवीर यादव, मुन्शी, इरशाद खा, बब्ल खा, महेंद्र पाल, कासिम, छेटा लाल, चंद्रपाल, कृष्ण अवतार शाक्य, जान मोहम्मद, नन्हे पंडित, बोबी धर्मेंद्र सिंह और रामवीर सिंह सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

 

 

 

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