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शिक्षिका के निलंबन पर भड़के नौनिहाल: स्कूल के गेट पर जड़ा ताला, बोले— “मैम नहीं तो पढ़ाई नहीं”

शिक्षिका के निलंबन पर भड़के नौनिहाल: स्कूल के गेट पर जड़ा ताला, बोले— “मैम नहीं तो पढ़ाई नहीं”

संवाददाता, वसीम कुरैशी 

पटियाली,कासगंज। विकास खंड क्षेत्र के भिटौना स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में तैनात शिक्षिका शालिनी मिश्रा के निलंबन की खबर मिलते ही छात्र-छात्राओं का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। अपनी प्रिय शिक्षिका के समर्थन में उतरे दर्जनों बच्चों ने स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया और जमकर हंगामा किया। विरोध का अनोखा तरीका अपनाते हुए छात्रों ने अपने बस्ते स्कूल के द्वार पर टांग दिए और दो-टूक शब्दों में चेतावनी दी कि जब तक शिक्षिका की वापसी नहीं होगी, तब तक वे स्कूल के अंदर कदम नहीं रखेंगे और न ही ताला खुलने देंगे।

घटनाक्रम के अनुसार, शिक्षिका पर हुई इस कार्रवाई के पीछे विद्यालय में बच्चों द्वारा सफाई किए जाने की एक तस्वीर को मुख्य वजह माना जा रहा है, जिसे किसी ने बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) को भेज दिया था। इसके अलावा पोर्टल पर अटेंडेंस और लैब के सामान से जुड़े विवादों को लेकर भी बीएसए द्वारा निलंबन की कार्रवाई की गई है। हालांकि, छात्र इन आरोपों को पूरी तरह निराधार और एक सोची-समझी साजिश करार दे रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्राओं का कहना है कि वे स्कूल को अपना मंदिर मानती हैं और उसकी स्वच्छता को अपना निजी कर्तव्य समझती हैं, जिसे गलत तरीके से पेश कर मैडम को फंसाया गया है।

छात्रा दीपा और उसके साथियों ने स्पष्ट किया कि शालिनी मिश्रा ने हमेशा उन्हें भेदभाव रहित शिक्षा दी और अनुशासन सिखाया। बच्चों के इस कड़े रुख के बाद स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों में भी तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। फिलहाल, गेट पर लटका ताला और वहां टंगे स्कूल बैग शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई के खिलाफ बच्चों के गहरे आक्रोश की गवाही दे रहे हैं। अब देखना यह होगा कि शिक्षा विभाग बच्चों की भावनाओं और इस गतिरोध को देखते हुए क्या कदम उठाता है।

 

 

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