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खास रिपोर्ट: सहसवान के आदिल खान बने युवाओं के ‘करियर मेंटर’, शून्य से शिखर तक का सफर युवाओं के लिए बना प्रेरणा।

खास रिपोर्ट: सहसवान के आदिल खान बने युवाओं के ‘करियर मेंटर’, शून्य से शिखर तक का सफर युवाओं के लिए बना प्रेरणा।

सहसवान (बदायूं)। शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि सही दिशा मिलना भी उतनी ही अनिवार्य है। आज के प्रतिस्पर्धी युग में जब छात्र करियर के चुनाव को लेकर मानसिक दबाव में रहते हैं, ऐसे में बदायूं के सहसवान निवासी आदिल खान उनके लिए एक उम्मीद की किरण बनकर उभरे हैं। एक छोटे से कमरे से शुरू हुआ उनका सफर आज एक बड़े संस्थान के रूप में तब्दील हो चुका है, जो हज़ारों परिवारों के सपनों को पंख लगा रहा है।

2017: एक छोटे से कोचिंग सेंटर से हुई थी शुरुआत

आदिल खान की सफलता की कहानी रातों-रात नहीं लिखी गई। इसकी नींव वर्ष 2017 में पड़ी थी जब उन्होंने एक बेहद छोटे स्तर पर कोचिंग सेंटर की शुरुआत की थी। उस समय उनके पास संसाधन बेहद सीमित थे, लेकिन इरादे फौलादी। शुरुआती दिनों में उन्होंने जमीनी स्तर पर छात्रों की उन समस्याओं को समझा, जिन्हें अक्सर बड़े संस्थानों में नजरअंदाज कर दिया जाता है—जैसे सही कोर्स का चुनाव और भविष्य की संभावनाएं।

संसाधनों की कमी को बनाया अपनी ताकत

अक्सर लोग संसाधनों के अभाव में हार मान लेते हैं, लेकिन आदिल खान ने चुनौतियों से समझौता नहीं किया। उन्होंने महसूस किया कि ग्रामीण और छोटे कस्बों के छात्रों के पास प्रतिभा तो है, लेकिन सही ‘काउंसलिंग’ के अभाव में वे भटक जाते हैं। इसी संकल्प के साथ उन्होंने अपने कार्यक्षेत्र का विस्तार किया और छात्रों को सही दिशा देने का बीड़ा उठाया। आज उनकी मेहनत का परिणाम है कि वे 1000 से अधिक छात्रों को सफलतापूर्वक मार्गदर्शित कर चुके हैं।

SMH एजुकेशनल: आधुनिक शिक्षा और परामर्श का संगम

आदिल खान वर्तमान में SMH Educational & Social Development Pvt. Ltd. के संस्थापक और निदेशक के रूप में कार्य कर रहे हैं।

यह संस्थान छात्रों को:

  • विभिन्न कोर्सेज और कॉलेजों के चयन में सहायता करता है।
  • जटिल एडमिशन प्रक्रियाओं को सरल बनाता है।
  • छात्र की रुचि, योग्यता और वर्तमान मार्केट ट्रेंड्स के आधार पर व्यक्तिगत परामर्श प्रदान करता है।

‘शिक्षा मेरा हक’: सामाजिक उत्तरदायित्व का मिसाल

आदिल खान केवल एक सफल उद्यमी ही नहीं, बल्कि एक संवेदनशील समाजसेवी भी हैं। उन्होंने ‘शिक्षा मेरा हक जनकल्याण ट्रस्ट’ की स्थापना की है। इस ट्रस्ट के माध्यम से वे समाज के उस वर्ग तक पहुँच रहे हैं जो आर्थिक तंगी के कारण शिक्षा से वंचित रह जाता है। ट्रस्ट का मुख्य उद्देश्य शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाना और मेधावी परंतु जरूरतमंद छात्रों को वित्तीय व शैक्षणिक सहयोग प्रदान करना है।

सफलता का मंत्र: सही समय पर सही सलाह

आदिल खान का मानना है कि:

“हर छात्र के अंदर एक विशेष प्रतिभा होती है। हमारी भूमिका केवल उस प्रतिभा को पहचान कर उसे सही रास्ता दिखाने की है। अगर सही समय पर काउंसलिंग मिल जाए, तो एक औसत छात्र भी असाधारण परिणाम दे सकता है।”

भविष्य की योजनाएं: हर घर तक पहुँचेगी शिक्षा की अलख

आदिल खान यहीं नहीं रुकना चाहते। उनका लक्ष्य आने वाले समय में डिजिटल माध्यमों और सेमिनारों के जरिए दूर-दराज के इलाकों तक पहुँचना है। वे एक ऐसा ईकोसिस्टम तैयार करना चाहते हैं जहाँ उत्तर प्रदेश का कोई भी युवा मार्गदर्शन की कमी के कारण अपने करियर से समझौता न करे।

सहसवान जैसे छोटे कस्बे से निकलकर शिक्षा जगत में एक खास पहचान बनाने वाले आदिल खान आज के युवाओं के लिए एक जीवंत उदाहरण हैं कि यदि समर्पण और नेक नियत हो, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं है।

“यदि आप भी अपने करियर को लेकर उलझन में हैं या शिक्षा के क्षेत्र में मार्गदर्शन चाहते हैं, तो आदिल खान की टीम से संपर्क कर अपने भविष्य को नई दिशा दे सकते हैं।”

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