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फर्रुखाबाद: अनफिट स्कूली वाहनों से बच्चों की जान खतरे में, प्रशासन सख्त—15 अप्रैल तक चलेगा अभियान।

अनफिट स्कूली वाहनों से बच्चों की जान खतरे में, प्रशासन सख्त—15 अप्रैल तक चलेगा अभियान।

दीपक शुक्ला, संवाददाता 

फर्रुखाबाद।  जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। निजी स्कूलों द्वारा संचालित कई वाहन नियमों की अनदेखी करते हुए सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जिनमें बच्चों की जान जोखिम में डाली जा रही है।

जानकारी के अनुसार जिले के लगभग 250 निजी स्कूलों के 486 वाहन एआरटीओ में पंजीकृत हैं, जो बच्चों के आवागमन में लगे हैं। इनमें से 130 से अधिक वाहनों का लंबे समय से फिटनेस परीक्षण नहीं कराया गया है, बावजूद इसके ये रोजाना बच्चों को ढो रहे हैं।

इन वाहनों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। अधिकांश वाहनों में ओवरस्पीड कंट्रोल डिवाइस, जीपीएस सिस्टम, आपातकालीन अलार्म, अग्निशमन यंत्र और फर्स्ट एड बॉक्स जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। कई वाहनों में विंडो ग्रिल तक नहीं लगी है।

स्थिति यह है कि कई स्कूली वाहन और ई-रिक्शा में बच्चों को क्षमता से अधिक बैठाया जा रहा है। बच्चों को ठूंस-ठूंसकर ले जाने से दुर्घटना की आशंका लगातार बनी हुई है।

प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने 1 से 15 अप्रैल 2026 तक विशेष चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने परिवहन विभाग और पुलिस को निर्देशित किया है कि सभी अनफिट वाहनों को तत्काल सीज किया जाए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए।

साथ ही बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षक को ऐसे स्कूलों के खिलाफ मान्यता समाप्त करने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2019 में कम्पिल रोड स्थित एक स्कूल वैन हादसे में शिक्षक समेत कई छात्र घायल हो गए थे। इसके बावजूद अभी तक स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा है, जिससे अभिभावकों में चिंता बनी हुई है।

 

 

 

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