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सेठ एम. आर. जयपुरिया स्कूल में ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना से सजा भव्य वार्षिक उत्सव, 400 विद्यार्थियों ने मंच पर दिखाई अद्भुत प्रतिभा।

सेठ एम. आर. जयपुरिया स्कूल में ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना से सजा भव्य वार्षिक उत्सव, 400 विद्यार्थियों ने मंच पर दिखाई अद्भुत प्रतिभा।

सहसवान (बदायूं)।  सेठ एम. आर. जयपुरिया स्कूल, सहसवान में शैक्षणिक सत्र 2025–26 के अंतर्गत आयोजित वार्षिक उत्सव इस वर्ष एक भव्य, आकर्षक और सांस्कृतिक विविधताओं से भरपूर कार्यक्रम के रूप में संपन्न हुआ। “वसुधैव कुटुम्बकम्” थीम पर आधारित इस समारोह में लगभग 400 विद्यार्थियों ने उत्साह, ऊर्जा और आत्मविश्वास के साथ भाग लेकर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि पूरा विश्व एक परिवार है और आपसी प्रेम, भाईचारे एवं सहयोग से ही समाज को मजबूत बनाया जा सकता है।

कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ दीप प्रज्वलन से हुई, जिसके बाद भगवान गणेश की वंदना ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इसके उपरांत विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का सिलसिला शुरू हुआ, जिसमें विद्यार्थियों ने देश की विविधता को एक मंच पर प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उत्तर भारत, दक्षिण भारत और कश्मीरी लोकनृत्यों की रंगारंग प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से रूबरू कराया।

इसके साथ ही विद्यार्थियों ने भारतीय सेना के शौर्य और वीरता को दर्शाते हुए देशभक्ति से ओत-प्रोत प्रस्तुतियां दीं, जिसने सभी के मन में गर्व की भावना उत्पन्न कर दी। स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को भी प्रभावशाली नाट्य रूपांतरण के माध्यम से प्रस्तुत किया गया, जिससे नई पीढ़ी को देश के इतिहास और त्याग की प्रेरणा मिली। कार्यक्रम में मानवता, एकता और भाईचारे के संदेश को भी विभिन्न प्रस्तुतियों के जरिए बेहद खूबसूरती से दर्शाया गया।

स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से योग की विशेष प्रस्तुति भी कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रही। विद्यार्थियों द्वारा किए गए योगासन और उनके समन्वय ने दर्शकों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।

समारोह में शिक्षा जगत से जुड़े कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज के समय में शिक्षा का उद्देश्य केवल अकादमिक ज्ञान देना नहीं, बल्कि बच्चों में नैतिक मूल्यों, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं और उन्हें जीवन के हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए तैयार करते हैं।

विद्यालय के निदेशक ने अपने विचार रखते हुए कहा कि प्रत्येक बच्चा अपनी प्रतिभा में अद्वितीय होता है, इसलिए किसी भी विद्यार्थी की तुलना नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य बच्चों को एक ऐसा मंच प्रदान करना है, जहां वे अपनी क्षमताओं को पहचान सकें और उन्हें निखार सकें।

विद्यालय की प्रधानाचार्या ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए विद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों और वर्षभर में हुए विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि विद्यालय निरंतर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रयासरत है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधन ने सभी शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों के योगदान की सराहना करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। शिक्षकों के मार्गदर्शन, विद्यार्थियों की मेहनत और अभिभावकों के सहयोग से यह आयोजन अत्यंत सफल और यादगार बन सका।

यह भव्य वार्षिक उत्सव न केवल विद्यार्थियों के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच बना, बल्कि समाज को एकता, संस्कृति और मानवता का महत्वपूर्ण संदेश भी दे गया।

 

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