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बिसौली: रज़ा मस्जिद में तरावीह के दौरान कुरआन शरीफ मुकम्मल, दुआओं के साथ हुआ जश्न।

रज़ा मस्जिद में तरावीह के दौरान कुरआन शरीफ मुकम्मल, दुआओं के साथ हुआ जश्न।

आई एम खान 

बिसौली। मुकद्दस रमजान माह के आखिरी अशरे के 27वें रोजे पर नगर की रज़ा मस्जिद में तरावीह की नमाज के दौरान कुरआन शरीफ मुकम्मल किया गया। इस मौके पर जश्न की महफिल का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए।

महफिल में बड़ी मस्जिद के इमाम मौलाना बिलाल रजा नूरी ने कुरआन शरीफ की फजीलत बयान करते हुए कहा कि रमजान का महीना रहमत और बरकत का महीना है। उन्होंने लोगों से अपील की कि इस पाक महीने में ज्यादा से ज्यादा नेक अमल करें और समाज में मोहब्बत, भाईचारा और एकता का संदेश फैलाएं।

इस अवसर पर हाफिज शरीफ रजा जामी का गुलपोशी कर स्वागत किया गया और उन्हें तोहफे देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान पूरा माहौल अल्लाहु अकबर की सदाओं से गूंज उठा।

नगर पालिका अध्यक्ष अबरार अहमद ने भी लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि रमजान के इस पवित्र महीने में सभी लोग अधिक से अधिक इबादत करें और समाज में प्रेम व भाईचारे का संदेश फैलाएं।

मदरसा फैजान ए रजाए मुस्तफा के प्रधानाचार्य मौलाना इफ्तेखार हुसैन अशरफी ने अपने संबोधन में कहा कि सभी मुसलमानों पर रोजों का सदका-ए-फितर अदा करना जरूरी है। इसके साथ ही रमजान के महीने में जकात निकालना भी बड़ा सवाब का काम है।

कार्यक्रम के अंत में देश में अमन, भाईचारा और खुशहाली के लिए विशेष दुआएं कराई गईं।

इस दौरान मौलाना अफलाक रजा उवैसी, हाफिज शादाब रजा उवैसी, हाफिज कमरुज्जमा, हाफिज अब्दुल कदीर अहमद, हाफिज फुरकान रजा, हाजी रफीक खां, चांद मंसूरी, राशिद मंसूरी, पूर्व सभासद बाबू कुरैशी, सलीम कुरैशी, असलम मंसूरी, तैयब मंसूरी, युसूफ मंसूरी, डॉ. फैजान, हाजी बाबू मंसूरी, साबिर कुरैशी, राशिद कुरैशी, उवैस मंसूरी और शादाब मंसूरी सहित अनेक लोग मौजूद रहे।

 

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