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बहेड़ी: ऑपरेशन के दौरान महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई, अस्पताल सील।

ऑपरेशन के दौरान महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई, अस्पताल सील।

मोहम्मद वसीम, संवाददाता 

बरेली। कोतवाली बहेड़ी क्षेत्र के बाईपास स्थित यूनिसन हॉस्पिटल में ऑपरेशन के दौरान 33 वर्षीय महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए अस्पताल को सील कर दिया है। जांच में कथित अनियमितताएं सामने आने पर यह कार्रवाई की गई। घटना के बाद क्षेत्र में निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

ऑपरेशन के दौरान बिगड़ी हालत, नहीं बच सकी जान

जानकारी के अनुसार कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पिपरिया रंजीत निवासी गीता (33) पत्नी राजपाल को बच्चेदानी में गांठ की शिकायत थी। परिजन उन्हें उपचार के लिए बाईपास स्थित निजी अस्पताल लेकर पहुंचे थे। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान उनकी हालत अचानक बिगड़ गई। परिजनों का कहना है कि गंभीर स्थिति में न तो विशेषज्ञ चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई गई और न ही समय रहते उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया गया। देर रात महिला की मौत हो गई।

परिवार का आरोप है कि स्थिति गंभीर होने पर संबंधित चिकित्सक अस्पताल से चले गए। हालांकि अस्पताल प्रबंधन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

मौत के बाद अस्पताल परिसर में हंगामा

घटना की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच गए और लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध जताया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

जांच में मिलीं कमियां, अस्पताल सील

प्रकरण तूल पकड़ने के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल का निरीक्षण किया। सूत्रों के अनुसार निरीक्षण में पंजीकरण, संसाधन और आवश्यक मानकों से संबंधित कई कमियां सामने आईं। इसके बाद डिप्टी सीएमओ अमित कुमार ने पुलिस बल की मौजूदगी में अस्पताल को सील कर दिया।

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि विस्तृत जांच जारी है और रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

निजी अस्पतालों की निगरानी पर उठे सवाल

घटना के बाद कस्बाई और ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित निजी अस्पतालों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने क्षेत्र के सभी निजी अस्पतालों की व्यापक जांच की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

परिजनों की मांग—सिर्फ सील नहीं, मुकदमा हो

पीड़ित परिवार ने संबंधित डॉक्टर और अस्पताल संचालक के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि केवल अस्पताल सील कर देना पर्याप्त नहीं है, जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विभागीय जांच के निष्कर्षों का इंतजार किया जा रहा है। घटना ने निजी स्वास्थ्य सेवाओं की जवाबदेही और पारदर्शिता को लेकर क्षेत्र में गंभीर चर्चा छेड़ दी है।

 

 

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