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सहसवान: आवारा गोवंशीय पशुओं ने किसानों की मेहनत पर फेरा पानी, कई बीघा गेहूं की फसल बर्बाद।

आवारा गोवंशीय पशुओं ने किसानों की मेहनत पर फेरा पानी, कई बीघा गेहूं की फसल बर्बाद।

राष्ट्रीय न्यूज़ टुडे 

सहसवान, बदायूं। क्षेत्र के गांव भीकमपुर टप्पा जमिनी में आवारा गोवंशीय पशुओं का आतंक किसानों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। बेसहारा गाय और सांड किसानों की गेहूं की फसल को कई बीघा में चरकर बर्बाद कर चुके हैं। हालात ऐसे हैं कि किसान दिन-रात खेतों में पहरा देने को मजबूर हैं, इसके बावजूद फसलों को बचा पाना मुश्किल हो रहा है।

किसानों का कहना है कि शासन द्वारा गोवंश संरक्षण और गौशालाओं को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। गांव के आसपास कहीं भी कोई गौशाला नहीं है, जहां आवारा गोवंशीय पशुओं को रखा जा सके। यही कारण है कि ये पशु खुलेआम खेतों और बाग-बगीचों में घूम रहे हैं और खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं।

किसानों ने बताया कि बढ़ती महंगाई के बीच बड़ी मुश्किल से खाद, बीज और सिंचाई का इंतजाम कर गेहूं, आलू, सरसों और अरहर जैसी फसलें तैयार की गई थीं। खासकर इस समय गेहूं की फसल पकने की कगार पर है, लेकिन रात के समय आवारा पशु खेतों में घुसकर फसल को नष्ट कर दे रहे हैं, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है।

किसान जुल्फिकार ने बताया कि सांड और गाय पिछले कई महीनों से गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। वहीं नाइम ने कहा कि कई बार शिकायत करने के बावजूद पशुपालन और पंचायत विभाग द्वारा कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई। किसान शादाब और सफीक अहमद का कहना है कि बड़ी मेहनत से फसल तैयार की गई थी, लेकिन आवारा पशुओं द्वारा चराई किए जाने से लाखों रुपये के नुकसान की आशंका है।

किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द गांव के आसपास गौशाला की व्यवस्था की जाए और आवारा गोवंशीय पशुओं को पकड़कर सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाए, ताकि उनकी फसलों को बचाया जा सके और उन्हें राहत मिल सके।

 

 

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