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न्यायिक इतिहास में नया अध्याय, सीएम योगी और देश के मुख्य न्यायमूर्ति ने किया शिलान्यास।

28 वर्षों का सपना साकार, चंदौली समेत 6 जिलों को मिला न्याय का महाप्रोजेक्ट, 1500 करोड़ से बनेंगे अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स।

संवाददाता – राजू खान

चंदौली। 28 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद चंदौली सहित प्रदेश के छह जनपदों को न्यायिक क्षेत्र में ऐतिहासिक सौगात मिल गई। शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और देश के मुख्य न्यायमूर्ति न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने बटन दबाकर इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स का शिलान्यास किया। करीब 1500 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह परियोजना उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक मॉडल बनने जा रही है।

मुख्य न्यायमूर्ति न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि उत्तर प्रदेश में न्यायिक अधोसंरचना के क्षेत्र में हो रहा कार्य पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा। उन्होंने कहा कि संविधान की भावना के अनुरूप जिला न्यायालयों की स्थापना का उद्देश्य आमजन को त्वरित, सुलभ और पारदर्शी न्याय उपलब्ध कराना है। बनने वाले ये आधुनिक कोर्ट कॉम्प्लेक्स सही मायनों में “न्याय के मंदिर” साबित होंगे।

उन्होंने कहा कि ये परिसर अगले 50 वर्षों तक न्यायिक जरूरतों को पूरा करने में सक्षम होंगे। साथ ही मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि महिला अधिवक्ताओं के लिए अलग बार की व्यवस्था की जाए तथा सभी कोर्ट कॉम्प्लेक्स में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना हो, जिससे अधिवक्ताओं और वादकारियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मजबूत लोकतंत्र के लिए सशक्त न्यायपालिका अत्यंत आवश्यक है। आम नागरिक को सरल, सहज और समयबद्ध न्याय दिलाने के लिए आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि न्यायिक परियोजनाओं में सरकार किसी भी स्तर पर देरी नहीं करती।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले चरण में छह जनपदों के लिए धनराशि जारी कर दी गई है। सभी डिज़ाइन स्वीकृत हो चुके हैं और औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। अकेले जनपद चंदौली के लिए लगभग 286 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी जा चुकी है। शिलान्यास के बाद निर्माण कार्य विश्वविख्यात संस्था एलएंडटी (L&T) द्वारा तेजी से कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स में एक ही छत के नीचे न्यायालय, अधिवक्ताओं के लिए अत्याधुनिक चैंबर, न्यायिक अधिकारियों के लिए आवासीय सुविधा, पार्किंग, कैंटीन, खेलकूद की व्यवस्था और अन्य सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि चंदौली, महोबा, अमेठी, शामली, हाथरस और औरैया—इन छह जनपदों में इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स के निर्माण का शुभारंभ हो चुका है। शेष चार जनपदों की औपचारिकताएं भी जल्द पूरी की जाएंगी। यह परियोजना भारत के न्यायिक इतिहास में मील का पत्थर साबित होगी।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्य न्यायमूर्ति न्यायमूर्ति सूर्यकांत को पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

इस अवसर पर उच्चतम न्यायालय के न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति पंकज मित्तल, न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा, न्यायमूर्ति राजेश बिंदल, इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अरुण भंसाली सहित अनेक वरिष्ठ न्यायाधीश, अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

यह आयोजन न्यायिक क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की मजबूत होती भूमिका का प्रतीक बन गया है और आने वाले वर्षों में आम जनता को त्वरित व सुलभ न्याय दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

 

 

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