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चहनियां खण्डवारी पीजी कॉलेज में प्रबंधक डॉ. राजेन्द्र प्रताप सिंह को सुगंधित इत्र भेंट करते मुख्य अतिथि।

सुगंधित व औषधीय पौधों की खेती से आत्मनिर्भरता की राह, चहनियां में उद्यमिता कार्यशाला आयोजित

चहनियां खण्डवारी पीजी कॉलेज में प्रबंधक डॉ. राजेन्द्र प्रताप सिंह को सुगंधित इत्र भेंट करते मुख्य अतिथि।

संवाददाता: अभिषेक सिंह सहयोगी, जयशंकर मिश्र

चहनियां, चंदौली। चहनियां स्थित मां खंडवारी पी.जी. कॉलेज में गुरुवार को ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से एक दिवसीय उद्यमिता जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला विकास आयुक्त कार्यालय, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रायोजित सुगंध एवं सुरस विकास केंद्र विस्तार इकाई, कानपुर तथा साईं इंस्टिट्यूट ऑफ रूरल डेवलपमेंट, वाराणसी के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुई। कार्यशाला में “सुगंधित एवं औषधीय पौधों की खेती, प्रसंस्करण और विपणन” विषय पर विस्तृत जानकारी दी गई।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. भक्ति विजय शुक्ला और कॉलेज प्रबंधक डॉ. राजेन्द्र प्रताप सिंह द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। अपने संबोधन में मुख्य अतिथि डॉ. भक्ति विजय शुक्ला ने कहा कि सुगंधित और औषधीय पौधों की खेती ग्रामीण युवाओं एवं महिलाओं के लिए रोजगार का एक सशक्त और टिकाऊ विकल्प बन सकती है। यह क्षेत्र कम लागत में अधिक लाभ की संभावनाओं से भरपूर है और वैज्ञानिक तरीके अपनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है।

साईं इंस्टिट्यूट ऑफ रूरल डेवलपमेंट, वाराणसी के निदेशक अजय सिंह ने कहा कि सुगंधित एवं औषधीय पौधों पर आधारित उद्यम ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं को तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ बाजार से जोड़ने का माध्यम भी बनते हैं।

अध्यक्षीय संबोधन में पी.जी. कॉलेज के प्रबंधक डॉ. आर.पी. सिंह ने कहा कि सुगंधित एवं औषधीय पौधों की खेती न केवल देश की अर्थव्यवस्था में योगदान दे सकती है, बल्कि ग्रामीण उद्यमिता को नई दिशा भी प्रदान करती है। ऐसे कार्यक्रम युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करते हैं।

कार्यशाला के तकनीकी सत्र में आईपीआर विशेषज्ञ संजय रस्तोगी ने सुगंधित पौधों की व्यावसायिक खेती, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग, विपणन और बौद्धिक संपदा अधिकार से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी।

इस अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अश्वनी कुमार श्रीवास्तव, स्वामी अरबिंद, डॉ. राधाकांत पाठक, डॉ. विनोद श्रीवास्तव, डॉ. विजय यादव, सलाउद्दीन, प्रदीप यादव सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन कॉलेज के शिक्षक संतोष कुमार सिंह ने किया।

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