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श्रीराम के राक्षस संहार से देवताओं और मानवों में छाया उल्लास।

श्रीराम के राक्षस संहार से देवताओं और मानवों में छाया उल्लास।

घूरेलाल कन्नौजिया, ब्यूरो चीफ 

सैयदराजा, चन्दौली। शिवानगर स्थित श्री रामलीला समिति द्वारा आयोजित रामलीला मंचन के तीसरे दिन का कार्यक्रम भव्यता और आस्था के रंगों से सराबोर रहा। इस अवसर पर मुनि आगमन, ताड़का, मारीच और सुबाहु वध की लीला का जीवंत मंचन किया गया, जिसे देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।

लीला का आरंभ उस प्रसंग से हुआ जब राक्षसों के अत्याचार से व्यथित होकर महर्षि विश्वामित्र अयोध्या नरेश राजा दशरथ के दरबार में पहुंचते हैं और अपने यज्ञ की रक्षा हेतु श्रीराम और लक्ष्मण को साथ ले जाने की अनुमति मांगते हैं। यद्यपि दशरथ पुत्र-वियोग के दुःख से विचलित हो जाते हैं, किंतु गुरु वशिष्ठ के समझाने पर वे अनुमति प्रदान करते हैं।

वन मार्ग में राम और लक्ष्मण का सामना भयंकर राक्षसी ताड़का से होता है, जिसे भगवान श्रीराम अपने बाण से समाप्त कर देते हैं। यह दृश्य इतना प्रभावशाली रहा कि मंच पर जैसे ही ताड़का का भयंकर रूप सामने आया, दर्शक दीर्घा में बैठे छोटे बच्चे भय से सिहर उठे।

इसके पश्चात जब ताड़का वध का समाचार राक्षस मारीच और सुबाहु तक पहुंचा, तो उन्होंने अपनी सेना सहित विश्वामित्र के यज्ञ को नष्ट करने का प्रयास किया। किन्तु श्रीराम के दिव्य बाणों से समस्त राक्षसों का संहार हो गया। मारीच पर प्रभु श्रीराम ने निर्दोष बाण छोड़ा, जिससे वह सतयोजन दूर जा गिरा। इस दृश्य पर दर्शकों ने “जय श्रीराम” के उद्घोष के साथ रामभक्ति में डूब गए।

राक्षसों के संहार के पश्चात महर्षि विश्वामित्र श्रीराम और लक्ष्मण को अपने आश्रम ले जाते हैं और उन्हें व्यावहारिक शिक्षा एवं धर्म मार्ग की दीक्षा देते हैं।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित समाचार पत्र के ब्यूरो प्रमुख धीरेंद्र सिंह ‘शक्ति’ ने अपने उद्बोधन में कहा कि “रामचरितमानस केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन की संपूर्ण शिक्षा देने वाला मार्गदर्शक ग्रंथ है। समाज में खोती जा रही भाईचारे की भावना को पुनर्जीवित करने के लिए आवश्यक है कि हम अपने बच्चों को रामलीला जैसे धार्मिक आयोजनों से जोड़ें।”

इस अवसर पर रविंद्र जायसवाल, कामाख्या प्रसाद केशरी, धीरेंद्र सिंह ‘शक्ति’, किड्स पब्लिक स्कूल के प्रबंधक सुशील कुमार शर्मा, वीरेंद्र सिंह भोले, परमेश्वर मोदनवाल, जवाहर पांडेय ‘लोटन गुरु’, शशांक, अंकित, सभासद संतोष कुमार जायसवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का समापन भक्तिमय माहौल में हुआ। अगले दिवस की रामलीला में “अहिल्या उद्धार”, “नगर दर्शन” और “फुलवारी लीला” का मंचन किया जाएगा।

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