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मुजफ्फरपुर बीयर छलका पर हर दिन जोखिम, सिंचाई विभाग की लापरवाही से बढ़ा खतरा।

मुजफ्फरपुर बीयर छलका पर हर दिन जोखिम, सिंचाई विभाग की लापरवाही से बढ़ा खतरा।

संवाददाता : शैलेश सिंह

चंदौली। जनपद के चकिया क्षेत्र स्थित मुजफ्फरपुर बीयर का छलका इन दिनों हादसों का गढ़ बन गया है। प्रतिदिन सैकड़ों लोग अपनी जान जोखिम में डालकर इस खतरनाक रास्ते से गुजर रहे हैं। छलका से लगातार गिरते पानी और उस पर जमी काई के बीच लोग बाइक, साइकिल और पैदल सफर करते हैं। फिसलन भरे इस रास्ते पर जरा सी असावधानी बड़ा हादसा कर सकती है, लेकिन इसके बावजूद लोग बाईपास पुल को छोड़कर यहीं से आवागमन करना पसंद कर रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि छलका से कुछ ही दूरी पर मजबूत पुल बना हुआ है, मगर जल्दबाजी और लापरवाही के कारण लोग उस मार्ग को छोड़ सीधे छलका से गुजरते हैं। यही वजह है कि खतरा हर दिन और अधिक बढ़ रहा है। लगातार गिरते पानी के कारण यहां फिसलन इतनी बढ़ चुकी है कि वाहन चालकों के साथ पैदल यात्रियों के भी गिरने की आशंका बनी रहती है। सबसे बड़ी बात यह है कि सिंचाई विभाग ने अब तक कोई ठोस इंतजाम नहीं किए हैं। न तो किनारों पर मजबूत दीवार या बैरिकेडिंग बनाई गई है और न ही चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। लोगों का कहना है कि कई बार संपूर्ण समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र देकर समस्या से प्रशासन और विभाग को अवगत कराया गया, लेकिन नतीजा सिर्फ आश्वासन तक ही सीमित रहा।

चंद्रप्रभा डिविजन के सहायक अभियंता ऋषभ राय ने बताया कि बड़े वाहनों के आवागमन को रोकने के लिए बैरिकेडिंग कर दी गई है। वहीं बाइक और साइकिल सवारों के लिए भी शीघ्र ही सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि सावधानी बरतने के लिए संबंधित स्थान पर चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे, जिससे लोगों को सतर्क किया जा सके।

स्थानीय लोगों की नाराजगी भी अब खुलकर सामने आ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग की लापरवाही और लोगों की असावधानी मिलकर इस स्थान को मौत के कुंए में तब्दील कर रही है। गरला निवासी धीरज श्रीवास्तव का कहना है कि कई बार शिकायत की गई, लेकिन समाधान नहीं निकला। चकिया के जितेंद्र तिवारी का कहना है कि पुल होने के बावजूद लोग छलका से गुजरते हैं, विभाग को तुरंत चेतावनी बोर्ड लगाने चाहिए। नेवाजगंज के अरविंद सिंह के मुताबिक दोनों ओर मजबूत बैरिकेडिंग और सूचना बोर्ड बेहद जरूरी हैं, जबकि मुजफ्फरपुर के दशरथ मौर्य का कहना है कि मामूली बरसात या चंद्रप्रभा बांध से पानी छोड़े जाने पर छलका से गुजरना जानलेवा साबित हो सकता है।

मुजफ्फरपुर बीयर छलका पर सुरक्षा इंतजाम की कमी किसी भी दिन बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। वाहन चालकों और आमजन की लापरवाही से हालात और गंभीर हो रहे हैं। अब प्रशासन और सिंचाई विभाग को चाहिए कि जल्द से जल्द ठोस कदम उठाकर बैरिकेडिंग, दीवार और चेतावनी बोर्ड की व्यवस्था करे। साथ ही लोगों को भी जागरूक होकर सुरक्षित पुल का उपयोग करना चाहिए, ताकि हादसों पर रोक लग सके।

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