Breaking News

मध्यान्ह भोजन योजना में करोड़ों की हेराफेरी का पर्दाफाश, पाँच आरोपी गिरफ्तार।

मध्यान्ह भोजन योजना में करोड़ों की हेराफेरी का पर्दाफाश, पाँच आरोपी गिरफ्तार।

गुलाम नबी कुरैशी, संवाददाता 

बलरामपुर। जिले में मध्यान्ह भोजन योजना (MDM) के तहत सरकारी धन की बड़े पैमाने पर हेराफेरी का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी शुभम शुक्ला की शिकायत पर की गई, जिसमें उन्होंने बताया कि योजना से जुड़े कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों ने आपसी मिलीभगत से सरकारी दस्तावेजों में कूटरचना करते हुए ग्यारह करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि का गबन किया है।

शिकायत के आधार पर थाना कोतवाली नगर में मुकदमा संख्या 297/2025 धारा 409, 467, 468, 471, 120बी और 201 आईपीसी के तहत डीसी एमडीएम फिरोज अहमद खान सहित 45 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।

पुलिस टीम ने 27 नवंबर को मुखबिर की सूचना पर कई स्थानों पर दबिश देते हुए आरोपी मलिक मुन्नवर पुत्र मलिक भिखुल्लाह निवासी धुसवा, फिरोज अहमद पुत्र जहीउद्दीन निवासी बरगदवा सैफ, अशोक कुमार गुप्ता पुत्र बाबूलाल गुप्ता निवासी बलुआ-बलुई, नसीम अहमद पुत्र लाल मोहम्मद निवासी चयपुरवा तथा मोहम्मद अहमदुल कादरी पुत्र मोहम्मद हफीजुल्ला निवासी मध्यनगर को नार्मल तिराहा, बड़ा परेड ग्राउंड के पास से गिरफ्तार कर लिया। सभी अभियुक्तों को आवश्यक विधिक कार्यवाही हेतु न्यायालय भेजा जा रहा है।

पूछताछ में मुख्य आरोपी फिरोज अहमद खान, जो कि जिला समन्वयक (डीसी MDM) के पद पर कार्यरत हैं, ने चौंकाने वाले खुलासे किए। उन्होंने बताया कि विभागीय आईवीआरएस पोर्टल से विद्यालयों में पंजीकृत छात्रों की संख्या के आधार पर एक्सल शीट तैयार होती है, जिसे जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद पीएफएमएस पोर्टल पर अपलोड किया जाना चाहिए। लेकिन अपलोडिंग के दौरान मूल शीट को न लगाकर उसमें छात्रों की संख्या के आधार पर धनराशि में हेराफेरी की जाती थी। कुछ विद्यालयों के खातों में धनराशि बढ़ाकर भेजी जाती थी और अन्य स्कूलों के खातों से उतनी ही राशि घटा दी जाती थी ताकि कुल धनराशि में कोई अंतर न आए और विभाग को संदेह न हो।

आरोपी ने बताया कि जिन विद्यालयों के खातों में अतिरिक्त धन भेजा जाता था, वहां प्रधानाध्यापक, ग्राम प्रधान और अभिभावक समिति के अध्यक्ष मिलकर वह राशि निकाल लेते थे और आपस में बांट लेते थे। इस तरीके से करोड़ों रुपये की सरकारी धनराशि का दुरुपयोग किया गया।

पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और पूरे गबन नेटवर्क की परतें खोली जा रही हैं।

Spread the love

Check Also

कासगंज: सोरों में जुआरियों पर पुलिस का शिकंजा, 1 लाख से अधिक की नकदी और 5 बाइक बरामद।

कासगंज: सोरों में जुआरियों पर पुलिस का शिकंजा, 1 लाख से अधिक की नकदी और …

error: Content is protected !!