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सहसवान: राजस्व टीम की मनमानी: सरकारी पैमाइश खुद करने के बजाय प्राइवेट कारिंदों से कराई, ग्रामीणों में भारी रोष। 

राजस्व टीम की मनमानी: सरकारी पैमाइश खुद करने के बजाय प्राइवेट कारिंदों से कराई, ग्रामीणों में भारी रोष। 

सहसवान (बदायूं)। तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम नैनोल बागवाला में ग्राम समाज की जमीन की नाप-जोख को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। मामले में क्षेत्रीय लेखपाल और कानूनगो पर सरकारी काम में लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगे हैं। कहा गया है कि राजस्व विभाग की इस टीम ने पैमाइश का शासकीय कार्य खुद करने के बजाय अपने निजी सहायकों (प्राइवेट कारिंदों) से कराया। नियमों के अनुसार, किसी भी सरकारी कार्य के लिए निजी सहायक रखना और उनसे विभागीय काम कराना पूरी तरह से गलत और नियम विरुद्ध है।

ग्राम नैनोल बागवाला के निवासी मोहम्मद फारूक पुत्र अनीस अहमद ने इस संबंध में उच्चाधिकारियों को एक शिकायती पत्र भेजा है। शिकायतकर्ता ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि शासन के आदेशानुसार कोई भी लेखपाल या कानूनगो अपने साथ निजी सहायक नहीं रख सकता। ऐसा इसलिए प्रतिबंधित किया गया है ताकि सरकारी दस्तावेजों की गोपनीयता बनी रहे, जनता से जुड़े आंकड़े लीक न हों और फील्ड में अवैध धन वसूली की आशंकाओं पर लगाम लगाई जा सके।

शिकायत के मुताबिक, बीते 22 मई 2026 को उपजिलाधिकारी के आदेश पर गांव में ग्राम समाज की भूमि की नाप करने के लिए एक टीम भेजी गई थी। इस टीम में लेखपाल भोजवीर सिंह के अलावा कानूनगो किशन लाल और सतीश शर्मा शामिल थे। आरोप है कि जब यह टीम मौके पर पहुंची, तो इन अधिकारियों के साथ आए निजी सहायकों ने पैमाइश की कमान संभाल ली और औपचारिकताएं पूरी कीं।

प्रार्थी ने इस मामले को शासन के आदेशों की खुली अवहेलना बताते हुए अधिकारियों से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही, नियमों को ताक पर रखकर काम करने वाले संबंधित राजस्व कर्मियों के खिलाफ सख्त विभागीय और दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाने की गुहार लगाई है।

 

 

 

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