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सहसवान: न्याय की आस में तीन दिन से कबूतरों के शव लेकर बैठी महिला, सहसवान प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल।

सहसवान: कबूतरों की संदिग्ध मौत पर महिला का प्रदर्शन जारी, पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल।

संवाददाता, शैलेन्द्र सिंह 

सहसवान (बदायूँ)। सहसवान क्षेत्र में कबूतरों की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। मामले की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एक पीड़ित महिला पिछले तीन दिनों से कबूतरों के शवों के साथ न्याय की मांग को लेकर बैठी हुई है। महिला का सीधा आरोप है कि बिना किसी निष्पक्ष जांच और पोस्टमार्टम के ही स्थानीय पुलिस ने मामले को रफा-दफा करने का प्रयास किया है।

इस पूरे प्रकरण में पुलिस की भूमिका पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों और पशु प्रेमियों का कहना है कि जब तक मौत का वैज्ञानिक कारण स्पष्ट नहीं हो जाता, तब तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी और लापरवाही है। पशु प्रेमी विकेंद्र शर्मा ने इस संबंध में उच्च अधिकारियों को पत्र भेजकर मामले की विस्तृत जांच की मांग की है। उन्होंने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि बिना वैज्ञानिक आधार और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बिना मृत्यु का कारण घोषित करना प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है।

पीड़ित महिला की जिद और पशु प्रेमियों के विरोध के बाद अब प्रशासन पर दबाव बढ़ता जा रहा है। क्षेत्र में यह मामला चर्चा का मुख्य विषय बना हुआ है और हर कोई प्रशासन के अगले कदम पर नजरें गड़ाए बैठा है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या उच्चाधिकारी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच के आदेश देंगे या फिर यह मामला फाइलों में ही दबकर रह जाएगा। न्याय के इंतजार में बैठी महिला का कहना है कि उसे दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होने तक उसका संघर्ष जारी रहेगा।

 

 

 

 

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