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शाहजहांपुर में फर्जी पेट्रोल पंप का भंडाफोड़: केमिकल मिलाकर नकली ईंधन बेचने वाले गिरोह के 5 शातिर गिरफ्तार।

शाहजहांपुर में फर्जी पेट्रोल पंप का भंडाफोड़: केमिकल मिलाकर नकली ईंधन बेचने वाले गिरोह के 5 शातिर गिरफ्तार।

संवाददाता, मुबारक अली 

शाहजहांपुर। थाना रोजा पुलिस ने एक बहुत बड़े फर्जीवाड़े और अवैध धंधे का पर्दाफाश करते हुए फर्जी दस्तावेजों के सहारे पेट्रोल पंप संचालित करने वाले एक शातिर गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह न सिर्फ अनाधिकृत रूप से पंप चला रहा था, बल्कि उसमें घातक केमिकल मिलाकर नकली डीजल और पेट्रोल बेचकर जनता की गाढ़ी कमाई लूटने के साथ वाहनों के इंजन भी बर्बाद कर रहा था। पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित के सख्त निर्देश पर जिले भर में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे धरपकड़ अभियान के तहत रोजा पुलिस ने रविवार की रात एक सटीक सूचना पर घेराबंदी करते हुए ग्राम गुर्री के समीप से इन पांचों आरोपियों को दबोच लिया।

पूरे मामले का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक नगर (एसपी सिटी) देवेंद्र कुमार ने बताया कि बीते 22 मई को पूर्ति निरीक्षक संजय कुमार यादव की टीम ने ग्राम डींगरपुर के पास छापेमारी की थी। इस दौरान वहां अवैध रूप से चल रहे एक अनाधिकृत पेट्रोल पंप की डिस्पेंसिंग यूनिट और भूमिगत ऑयल टैंक को सील किया गया था। इस मामले की जब गहनता से प्रशासनिक और पुलिस स्तर पर जांच की गई, तो परत दर परत चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच में पता चला कि गिरोह का मुख्य सरगना शिवराज वर्मा अपने साथियों के साथ मिलकर पेट्रोलियम विभाग के फर्जी और कूट रचित लाइसेंस तैयार कर चुका था और पिछले करीब एक साल से बेखौफ होकर केमिकल युक्त नकली तेल बेचने का यह काला कारोबार चला रहा था।

पुलिस टीम ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे और निशानदेही पर भारी मात्रा में अवैध दस्तावेज व सामग्री बरामद की है। बरामद सामानों में फर्जी लाइसेंस की प्रतियां, विभिन्न केमिकल की खरीद से जुड़े फर्जी बिल और लगभग दस हजार लीटर संदिग्ध तरल पदार्थ (केमिकल युक्त नकली ईंधन) शामिल है, जिसे जांच के लिए भेजा जा रहा है।

पकड़े गए जालसाजों की पहचान मुख्य आरोपी शिवराज वर्मा (उम्र 55 वर्ष) निवासी ग्राम मुड़िया जमा खान थाना निगोही, पवन उर्फ अमन (उम्र 32 वर्ष) व बबलू उर्फ रॉकी (उम्र 31 वर्ष) दोनों निवासी गांव पिपरिया प्रह्लाद थाना रोजा, अशरफ अली (उम्र 37 वर्ष) निवासी ग्राम इब्राहिमपुर करियारा थाना मोहम्मदी जनपद खीरी और रामवरन उर्फ वीरेश निवासी गांव मुढ़ा हरिस थाना सिंधौली जिला शाहजहांपुर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी शिवराज वर्मा का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और उस पर पहले से भी तीन संगीन मामले दर्ज हैं।

रोजा पुलिस ने इन सभी के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और आवश्यक वस्तु अधिनियम की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहाँ से सभी को जेल भेज दिया गया है। इस बड़े और सराहनीय खुलासे को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में थाना अध्यक्ष उमेश कुमार मिश्रा, उपनिरीक्षक शिवम अग्रवाल और उपनिरीक्षक राकेश कुमार मुख्य रूप से शामिल रहे, जिनकी तत्परता की सराहना की जा रही है।

 

 

 

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