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किसानों के लिए बिजली विभाग की सलाह: ट्यूबवेल मोटर पर कैपेसिटर लगाएं, मिलेगी बेहतर विद्युत आपूर्ति।

किसानों के लिए बिजली विभाग की सलाह: ट्यूबवेल मोटर पर कैपेसिटर लगाएं, मिलेगी बेहतर विद्युत आपूर्ति।

राष्ट्रीय न्यूज टुडे 

सहसवान (बदायूं)। गर्मी के मौसम से पहले किसानों को बेहतर बिजली आपूर्ति देने के उद्देश्य से विद्युत विभाग ने एक महत्वपूर्ण अपील की है। विद्युत उपखंड अधिकारी विपिन कुमार गुप्ता ने क्षेत्र के सभी किसानों से अनुरोध किया है कि वे अपने निजी ट्यूबवेलों की मोटरों पर कैपेसिटर लगवाएं, जिससे बिजली की गुणवत्ता बेहतर होगी और मोटर की कार्यक्षमता भी बढ़ेगी।

उन्होंने बताया कि अधिकांश ट्यूबवेलों में इस्तेमाल होने वाली इंडक्शन मोटरों का पावर फैक्टर सामान्यतः 0.7 से 0.8 के बीच रहता है। यदि मोटर पर उचित क्षमता का कैपेसिटर लगाया जाए तो पावर फैक्टर 0.95 तक सुधर सकता है, जिससे बिजली की खपत संतुलित होती है और अनावश्यक लोड भी कम पड़ता है।

कैपेसिटर लगाने के प्रमुख फायदे

विद्युत विभाग के अनुसार ट्यूबवेल मोटर पर कैपेसिटर लगाने से कई लाभ मिलते हैं। सबसे पहले पावर फैक्टर में सुधार होता है, जिससे बिजली बिल में लगने वाली पेनल्टी कम या समाप्त हो सकती है।

इसके अलावा विद्युत धारा (करंट) कम हो जाती है, जिससे बिजली की लाइन पर दबाव कम पड़ता है और तारों के गर्म होने की समस्या भी घटती है। इससे ट्रांसफॉर्मर पर भी अतिरिक्त लोड नहीं पड़ता।

कैपेसिटर लगाने से मोटर को पर्याप्त रीएक्टिव पावर (केवार) मिलती है, जिससे मोटर का स्टार्टिंग और रनिंग टॉर्क बढ़ जाता है और मोटर पहले की तुलना में अधिक स्मूथ तरीके से चलती है।

लो वोल्टेज की स्थिति में भी कैपेसिटर लगे होने पर मोटर बेहतर प्रदर्शन करती है और बार-बार ट्रिप होने की समस्या कम हो जाती है। इससे किसानों को सिंचाई के दौरान कम परेशानी होती है।

बिजली की बचत और मोटर की लंबी उम्र

कैपेसिटर लगाने से बिजली की 5 से 10 प्रतिशत तक बचत भी संभव है। साथ ही मोटर कम करंट लेती है, जिससे गर्मी कम पैदा होती है और कॉइल व वाइंडिंग की उम्र भी बढ़ जाती है। इससे मोटर लंबे समय तक सुरक्षित और सुचारू रूप से चलती रहती है।

10 हॉर्सपावर मोटर के लिए कितना कैपेसिटर

विद्युत विभाग के अनुसार 10 हॉर्सपावर की मोटर के लिए सामान्यतः 7.5 केवार से 10 केवार तक का कैपेसिटर उपयुक्त माना जाता है।

यदि पावर फैक्टर 0.7–0.8 के आसपास है तो 10 केवार का कैपेसिटर लगाया जा सकता है।

यदि पावर फैक्टर पहले से 0.85 या उससे अधिक है तो 7.5 केवार का कैपेसिटर पर्याप्त रहेगा।

किसानों से की अपील

उपखंड अधिकारी विपिन कुमार गुप्ता ने सभी किसानों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपने निजी नलकूपों पर उचित क्षमता का कैपेसिटर लगवाएं। इसके लिए किसान अपने नजदीकी इलेक्ट्रिकल दुकान से कैपेसिटर खरीदकर योग्य तकनीशियन की मदद से लगवा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि इससे किसानों को बेहतर बिजली आपूर्ति मिलेगी और सिंचाई कार्य भी बिना रुकावट के सुचारू रूप से हो सकेगा।

 

 

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