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चन्दौली: राज्यसभा में गूँजी चंदौली के किसानों की आवाज़ — सांसद दर्शना सिंह ने खाद्य प्रसंस्करण यूनिट की माँग मजबूती से उठाई।

राज्यसभा में गूँजी चंदौली के किसानों की आवाज़ — सांसद दर्शना सिंह ने खाद्य प्रसंस्करण यूनिट की माँग मजबूती से उठाई।

शैलेश सिंह 

चंदौली। राज्यसभा के उच्च सदन में गुरुवार को चंदौली के किसानों की उम्मीदों को एक बड़ी ताकत मिली, जब राज्यसभा सांसद दर्शना सिंह ने स्पेशल मेंशन के माध्यम से चंदौली में आधुनिक फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने की माँग जोरदार तरीके से रखी। उन्होंने कहा कि यह यूनिट न केवल किसानों की आय बढ़ाने में सहायक होगी, बल्कि जिले की कृषि अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगी।

सांसद दर्शना सिंह ने सदन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों को सशक्त बनाने के लिए PM-KISAN, कृषि अवसंरचना कोष, किसान रेल, e-NAM, PMFME और प्राकृतिक खेती जैसे कदमों ने किसानों को नई पहचान और प्रगति का नया मार्ग दिया है। उन्होंने कहा कि चंदौली “धान का कटोरा” कहलाता है, जहाँ प्रतिवर्ष 4.25 लाख मीट्रिक टन धान का उत्पादन होता है और 70% से अधिक आबादी खेती पर निर्भर है।

उन्होंने बताया कि चंदौली की उपजाऊ मिट्टी धान के साथ-साथ हरी मिर्च, टमाटर, स्ट्रॉबेरी, ड्रैगन फ्रूट और केले जैसी ऊँची मूल्य वाली फसलों से भरी हुई है। लेकिन प्रसंस्करण की सुविधाएँ न होने के कारण किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ता है, क्योंकि फसलें बाजार पहुँचने से पहले ही खराब होने लगती हैं।

सांसद दर्शना सिंह ने कहा कि किसान मेहनत से उपज तैयार करता है, लेकिन भंडारण, प्रोसेसिंग और बाजार न मिलने से उसे सही दाम नहीं मिल पाता। कभी बिचौलिये फायदा उठाते हैं, कभी मंडियाँ दूर होती हैं और कभी भंडारण का अभाव भारी नुकसान करा देता है। उन्होंने कहा कि फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगने से कोल्ड चेन मजबूत होगी, पैकिंग–ग्रेडिंग सिस्टम विकसित होगा और किसान अपनी उपज का पूरा मूल्य प्राप्त कर सकेंगे।

उन्होंने यह भी बताया कि चंदौली का किसान तकनीक अपनाने में हमेशा आगे रहा है—ड्रिप सिंचाई, मल्चिंग, प्राकृतिक खेती और उच्च घनत्व बागवानी इसके उदाहरण हैं। ऐसे में चंदौली को कृषि निवेश का बड़ा केंद्र बनाने का यह सही समय है।

सांसद ने कहा कि योगी सरकार की नीतियों और चंदौली की रणनीतिक स्थिति—रेल, सड़क नेटवर्क और वाराणसी की निकटता—इसे खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के लिए आदर्श स्थान बनाती है।

उन्होंने कहा— “चंदौली के किसानों ने सदैव देश की थाली भरी है, अब समय है कि देश उनके भविष्य को भी भर दे।”

फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित होने से—

  • किसानों की आय में सीधी बढ़ोतरी,
  • युवाओं व महिलाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार,
  • स्वयं सहायता समूहों के लिए नए अवसर,
  • और चंदौली को पूर्वांचल का कृषि निर्यात केंद्र बनाने का अवसर मिलेगा।

अंत में सांसद ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि चंदौली की संभावनाओं, किसानों के हित और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए इस महत्वपूर्ण परियोजना को शीघ्र स्वीकृति प्रदान की जाए।

इसके साथ ही सांसद दर्शना सिंह ने सदन में जल (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) मणिपुर अधिनियम बिल का समर्थन करते हुए कहा कि स्वच्छ जल पर्यावरण, कृषि, उद्योग और सार्वजनिक स्वास्थ्य का आधार है और यह कानून सरकार की पर्यावरण संरक्षण के प्रति गहरी प्रतिबद्धता दर्शाता है।

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