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बहेड़ी: विकास के मुद्दों पर गरमाया समाधान दिवस, बिजली, गन्ना भुगतान और ओवरब्रिज की मांग को लेकर प्रशासन को घेरा।

बहेड़ी: विकास के मुद्दों पर गरमाया समाधान दिवस, बिजली, गन्ना भुगतान और ओवरब्रिज की मांग को लेकर प्रशासन को घेरा।

संवाददाता, मोहम्मद वसीम 

बहेड़ी (बरेली): बरेली जनपद की सबसे बड़ी तहसील बहेड़ी में सोमवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस उस समय सियासी अखाड़े में तब्दील हो गया, जब विकास से जुड़े लंबित मुद्दों को लेकर प्रशासन के समक्ष जनआक्रोश फूट पड़ा। विधानसभा प्रत्याशी नसीम अहमद के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने बिजली, गन्ना किसानों का भुगतान, रेलवे ओवरब्रिज और स्वास्थ्य सेवाओं जैसी चार प्रमुख मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।

प्रदर्शन के दौरान सबसे अधिक चर्चा 132 केवी पावर हाउस के प्रस्तावित स्थल को लेकर रही। प्रदर्शनकारियों ने बहेड़ी के बजाय इसे रिछा में स्थापित करने के निर्णय पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। नसीम अहमद ने कहा कि बहेड़ी एक व्यापारिक केंद्र है, जहां दो हजार से अधिक कपड़ा प्रतिष्ठान, राइस मिलें और अन्य औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं। ऐसे में बिजली संकट यहां की अर्थव्यवस्था को सीधे प्रभावित कर रहा है, इसलिए पावर हाउस का निर्माण बहेड़ी में ही होना चाहिए। विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थानीय विधायक के खिलाफ नारेबाजी होने से कार्यक्रम राजनीतिक रंग में रंगा नजर आया।

ज्ञापन में क्षेत्र के किसानों की दुर्दशा पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा गया कि केसर चीनी मिल पर करीब 161 करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य बकाया है, जिससे किसान आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहे हैं। किसानों ने शीघ्र भुगतान सुनिश्चित कराने की पुरजोर मांग की है। इसके अतिरिक्त, रेलवे फाटक पर रोजाना लगने वाले भीषण जाम से निजात दिलाने के लिए ओवरब्रिज के निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर शुरू करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।

सीएचसी बहेड़ी में विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी का मुद्दा उठाते हुए ज्ञापन में कहा गया कि वर्तमान में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमराई हुई हैं। हड्डी रोग, नेत्र रोग और फिजिशियन जैसे विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती न होने से मरीजों को मजबूरन बरेली या अन्य शहरों का रुख करना पड़ता है। नसीम अहमद ने चेतावनी दी कि यदि स्वास्थ्य सुविधाओं को जल्द बेहतर नहीं किया गया, तो आंदोलन और तेज होगा।

समाधान दिवस में उठे इन ज्वलंत मुद्दों ने एक बार फिर प्रशासनिक उदासीनता की पोल खोल दी है। अब देखना यह है कि वर्षों से फाइलों में दबी ये मांगें धरातल पर कब तक उतरती हैं और प्रशासन जनहित के इन मुद्दों पर क्या ठोस कदम उठाता है।

बाइट- नसीम अहमद 118 बहेड़ी विधानसभा प्रत्याशी

 

 

 

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