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फर्रुखाबाद में प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह ने किया बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा, पीड़ितों को बांटे जमीन के प्रमाण पत्र और राहत सामग्री।

फर्रुखाबाद में प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह ने किया बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा, पीड़ितों को बांटे जमीन के प्रमाण पत्र और राहत सामग्री।

संवाददाता, दीपक शुक्ला 

फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं जनपद के प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह ने गुरुवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का औचक दौरा किया। उन्होंने स्टीमर के जरिए सदर तहसील क्षेत्र के अंतर्गत चारों तरफ बाढ़ के पानी से घिरे दौली की मड़ैया गांव पहुंचकर सीधे बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की। करीब पांच किलोमीटर का जलमार्ग तय कर गांव पहुंचे मंत्री ने वहां बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लिया और चल रहे राहत कार्यों की समीक्षा की।

गंगा कटान पीड़ितों को मिली जमीन और सहायता राशि

दौरे के दौरान गंगा के भयानक कटान में अपने मकान गंवा चुके 25 पीड़ित परिवारों को पड़ोसी गांव बिलावलपुर में नया आशियाना बनाने के लिए जमीन के प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इसके साथ ही, मकान निर्माण के लिए प्रत्येक पीड़ित के बैंक खाते में भेजी गई एक लाख बीस हजार रुपये की सहायता राशि का प्रमाण पत्र भी उन्हें सौंपा गया। इस दौरान जरूरतमंदों को राहत सामग्री के रूप में राशन किट वितरित की गई और कार्यक्रम के अंत में सभी को पका हुआ भोजन भी परोसा गया।

बच्चों की अनोखी अगवानी और स्वास्थ्य सेवाओं के निर्देश

बाढ़ के पानी के कारण गांव के प्राथमिक विद्यालय में जलभराव हो जाने से एक स्थानीय ग्रामीण के घर में ही बच्चों की वैकल्पिक कक्षा संचालित हो रही थी, जहाँ उस समय 19 बच्चे मौजूद थे। इन बच्चों ने ‘हर घर तिरंगा’ प्रतियोगिता के तहत तिरंगे से जुड़े सुंदर स्लोगन सुनाकर प्रभारी मंत्री का अनूठा स्वागत किया। मंत्री जयवीर सिंह ने मौके पर चल रहे स्वास्थ्य शिविर का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद भी गांव में नियमित रूप से स्वास्थ्य शिविर लगाए जाते रहें, ताकि ग्रामीणों को किसी भी प्रकार की चिकित्सीय असुविधा का सामना न करना पड़े।

प्रशासन को दिए गए सख्त निर्देश

मीडिया से बातचीत करते हुए प्रभारी मंत्री ने कहा कि जिन लोगों के मकान बाढ़ की विभीषणता में क्षतिग्रस्त हो गए हैं या गंगा में पूरी तरह समा चुके हैं, सरकार ने उनके बैंक खातों में आर्थिक सहायता भेज दी है और उन्हें सुरक्षित स्थान पर मकान बनाने के लिए जमीन भी उपलब्ध करा दी है। उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बाढ़ पीड़ितों के लिए भोजन की व्यवस्था, बच्चों की बाधित न होने वाली पढ़ाई और स्वास्थ्य सुविधाओं पर लगातार कड़ी नजर रखी जाए।

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