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लखीमपुर खीरी: तीन साल के मासूम के गले में फंसा सिक्का, डॉक्टरों ने एंडोस्कोपी से निकाला।

लखीमपुर खीरी: तीन साल के मासूम के गले में फंसा सिक्का, डॉक्टरों ने एंडोस्कोपी से निकाला।

संवाददाता, मोहम्मद कमर 

लखीमपुर खीरी। मेडिकल कॉलेज मोतीपुर के चिकित्सकों ने अपनी तत्परता और कुशलता से एक तीन वर्षीय मासूम की जान बचाकर चिकित्सा सेवा का एक बेहतरीन उदाहरण पेश किया है। खेल-खेल में 5 रुपये का सिक्का निगलने से बच्चे की भोजन नली (फूड पाइप) में सिक्का फंस गया था, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई थी। परिजनों की सूझबूझ से बच्चा समय रहते अस्पताल पहुँचा, जहाँ डॉक्टरों ने बिना ऑपरेशन (चीरा) लगाए उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

घटना के अनुसार, बच्चा खेलते समय अचानक सिक्का निगल बैठा, जिसके बाद उसे सांस लेने और भोजन करने में परेशानी होने लगी। घबराए परिजन तत्काल उसे मेडिकल कॉलेज लेकर पहुँचे। यहाँ तैनात डॉ. मनोज शर्मा ने एक्स-रे के माध्यम से बच्चे के गले में फंसे सिक्के की सटीक स्थिति का पता लगाया। इसके बाद डॉ. श्वेता वर्मा, डॉ. मनोज शर्मा और स्टाफ नर्स रेखा सैनी की टीम ने अत्याधुनिक एंडोस्कोपी तकनीक का सहारा लिया। करीब दो घंटे तक चली इस जटिल प्रक्रिया के बाद डॉक्टरों ने बिना किसी चीरे के सिक्का कुशलतापूर्वक बाहर निकाल लिया।

मेडिकल कॉलेज की प्रधानाचार्य डॉ. वाणी गुप्ता ने बताया कि सुबह 11 बजे शुरू हुई यह प्रक्रिया दोपहर 1 बजे सफलतापूर्वक पूरी हुई। वर्तमान में बच्चा पूरी तरह सुरक्षित है और उसे डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। सफल ऑपरेशन के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन का आभार व्यक्त किया। वहीं, मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने इसे टीम के कुशल तालमेल और आधुनिक सुविधाओं की बड़ी उपलब्धि बताया है।

डॉक्टरों ने अभिभावकों को सतर्क करते हुए सलाह दी है कि छोटे बच्चों की पहुंच से सिक्के, बैटरी, पिन और अन्य छोटी वस्तुओं को दूर रखें। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति पैदा होने पर घबराने के बजाय बिना देर किए तत्काल नजदीकी अस्पताल में चिकित्सकीय सहायता लें।

 

 

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