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बलरामपुर: बाल श्रम मुक्त बलरामपुर की मुहिम तेज, श्रम विभाग ने चलाया व्यापक जन-जागरूकता अभियान।

बाल श्रम मुक्त बलरामपुर की मुहिम तेज, श्रम विभाग ने चलाया व्यापक जन-जागरूकता अभियान।

गुलाम नबी कुरैशी, संवाददाता 

बलरामपुर। जनपद बलरामपुर को बाल श्रम से मुक्त करने के लक्ष्य को लेकर श्रम विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर जागरूकता एवं निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। जिला कंसलटेंट मनोज तिवारी के नेतृत्व में विभागीय टीम लगातार शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर दुकानों, प्रतिष्ठानों और कार्यस्थलों का निरीक्षण कर रही है, साथ ही आम नागरिकों को बाल श्रम कानून की जानकारी भी दी जा रही है।

इसी क्रम में शिवपुर ब्लॉक क्षेत्र में श्रम विभाग की टीम ने 25 से 30 दुकानों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान व्यापारियों को स्पष्ट रूप से निर्देश दिए गए कि 14 वर्ष से कम आयु के किसी भी बच्चे से श्रम कराना कानूनन अपराध है। टीम ने बताया कि बाल श्रम निषेध एवं विनियमन अधिनियम के तहत दोषी पाए जाने पर 6 माह से 2 वर्ष तक का कारावास और 20 हजार से 40 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

व्यापारियों और नागरिकों से सहयोग की अपील

निरीक्षण के दौरान दुकानदारों से अपील की गई कि वे बच्चों को काम पर रखने के बजाय उन्हें शिक्षा से जोड़ने में सहयोग करें। अधिकारियों ने कहा कि प्रशासन अकेले यह लक्ष्य हासिल नहीं कर सकता, इसके लिए समाज के हर वर्ग का सहयोग जरूरी है।

विधायक का संदेश: बाल श्रम सामाजिक और कानूनी अपराध

अभियान को और मजबूती देते हुए सदर विधायक पलटू राम ने वीडियो संदेश के माध्यम से जनपदवासियों से अपील की। उन्होंने कहा कि बाल श्रम न केवल सामाजिक बुराई है, बल्कि गंभीर कानूनी अपराध भी है। इससे बच्चों का शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास बाधित होता है।

विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकताओं में उत्तर प्रदेश को बाल श्रम मुक्त बनाना शामिल है और बलरामपुर जैसे आकांक्षी जनपद को वर्ष 2026 तक बाल श्रम मुक्त घोषित करने का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि यदि कहीं भी कोई बच्चा बाल श्रमिक के रूप में कार्य करता दिखाई दे, तो तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, पुलिस विभाग या श्रम विभाग को सूचना दें।

स्वयंसेवी संस्थाएं भी निभा रहीं सक्रिय भूमिका

इस अभियान में श्रम विभाग के साथ मानव संसाधन एवं महिला विकास संस्थान तथा ब्रिटिश एशियाई इंडिया फाउंडेशन की टीमें भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। ये टीमें गांव-गांव और शहर-शहर जाकर लोगों को बाल श्रम के दुष्परिणामों से अवगत करा रही हैं और बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक

बीते 20 जनवरी 2026 को विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक अहम बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल कल्याण, पुलिस तथा पंचायती राज विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में सभी विभागों ने एकजुट होकर जनपद को बाल श्रम मुक्त बनाने का संकल्प लिया।

प्रशासन और समाज के संयुक्त प्रयासों से यह अभियान अब केवल जागरूकता तक सीमित न रहकर ठोस कार्रवाई की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यदि यही गति बनी रही, तो 2026 तक बलरामपुर को बाल श्रम मुक्त जनपद बनाने का लक्ष्य अवश्य हासिल किया जा सकेगा।

 

 

 

 

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